क्या कपिल मिश्रा ने ओवैसी को सही जवाब दिया? पहले घर की महिलाओं को आजादी दें!
सारांश
Key Takeaways
- कपिल मिश्रा का ओवैसी के बयान पर सख्त जवाब।
- बीएमसी चुनाव में भाजपा का मजबूत समर्थन।
- महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा बढ़ी।
मुंबई, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा बीएमसी चुनाव के सिलसिले में मुंबई में उपस्थित हैं। उन्होंने विले पार्ले विधानसभा में वार्ड 82 से भाजपा उम्मीदवार जगदीश्वरी अमिन के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्हें लोगों से व्यापक जनसमर्थन मिला।
कपिल मिश्रा ने रविवार को कहा कि पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसी के अंतर्गत मैं यहाँ आया हूँ। राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव एक महत्वपूर्ण चुनाव है, और वर्तमान में मुंबई का माहौल भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन के पक्ष में है। बहुत से लोग भाजपा के नीतियों पर चर्चा करने और लोगों की सेवा के लिए आए हैं। मुझे भी इसमें एक भूमिका निभाने का अवसर मिला है।
उन्होंने ओवैसी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में हिजाब पहनने वाली कोई बेटी प्रधानमंत्री बनेगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि मैं ओवैसी से यह कहना चाहता हूँ कि पहले अपने घर की महिलाओं को आजादी से बाहर निकलने दीजिए। अगर आपके घर की महिलाएं बाहर नहीं आ सकतीं, तो आप कैसे दावा कर सकते हैं कि कोई प्रधानमंत्री बनेगा? अगर आप उन्हें पढ़ाई, काम या राजनीति में आने की अनुमति नहीं देंगे, तो वे सफल कैसे होंगी? अगर आप उन पर अत्याचार करते रहेंगे, तो ईरान में महिलाओं ने जो किया है, वह आपके साथ भी हो सकता है। प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति कौन बनेगा, यह बाद में तय होगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर यह समझना चाहिए कि गुरुओं का अपमान हुआ है। दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने जो भाषा का उपयोग किया, वह गुरु तेग बहादुर की 300वीं शहादत की सालगिरह पर विधानसभा में चर्चा के दौरान बोली गई थी। विधानसभा स्पीकर ने भी इसे सदन में आधिकारिक रूप से पढ़ा था। उसके बाद आतिशी विधानसभा में वापस नहीं आईं। लोगों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं।
हमारी बात करें, तो यदि कोई कानूनी मामला होता है या हमें जेल भी भेजा जाता है, तो हम डरते नहीं हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि भगवंत मान और स्पीकर को इस मामले को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। आतिशी को बचाने का प्रयास करेंगे तो भगवान भी देख रहा है और उन्हें भगवान से डरना चाहिए।