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क्या करूर भगदड़ मामले में टीवीके रैली की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सीबीआई ने नोटिस भेजा?

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क्या करूर भगदड़ मामले में टीवीके रैली की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सीबीआई ने नोटिस भेजा?

सारांश

करूर जिले में हुई भीषण भगदड़ की जांच में सीबीआई ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को समन भेजा है। यह मामला 41 लोगों की जान जाने के बाद उठ खड़ा हुआ है। जानिए इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और सीबीआई की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

सीबीआई ने पुलिसकर्मियों को समन भेजा है।
रैली में सुरक्षा के लिए 500 पुलिसकर्मी तैनात थे।
कई वरिष्ठ अधिकारियों से पहले ही पूछताछ हो चुकी है।

चेन्नई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर 2025 को हुई बेहद गंभीर भगदड़ की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय की रैली के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को समन भेजना प्रारंभ कर दिया है। इस भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने उन पुलिस अधिकारियों और जवानों को तलब किया है जिनके नाम विजय के करूर दौरे के लिए बनाए गए सुरक्षा प्लान में शामिल हैं। यह समन विभिन्न क्षेत्रों में तैनात कर्मियों को भेजा गया है, जिसमें वेलुसामीपुरम भी शामिल है, जहां अभिनेता से नेता बने विजय ने विशाल जनसभा को संबोधित किया था।

रैली के दिन यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

सीबीआई ने पहले भी इस मामले में तत्कालीन जिला कलेक्टर एम. थंगवेल और पुलिस अधीक्षक के. जोस थंगैयाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की है। अब जांच का मुख्य फोकस जमीनी स्तर पर की गई सुरक्षा तैनाती और उसके कार्यान्वयन पर केंद्रित है।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 13 अक्टूबर 2025 के आदेश के बाद सीबीआई द्वारा दोबारा दर्ज किया गया था। एजेंसी ने विस्तृत सुरक्षा प्लान हासिल किया है, जिसमें टीवीके रैली के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के नाम, रैंक और ड्यूटी स्थल शामिल हैं।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, विजय की यात्रा और रैली के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए लगभग 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सूत्रों के अनुसार, इनमें से कई कर्मियों को अब पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।

सीबीआई वर्तमान में करूर के सर्किट हाउस में पूछताछ कर रही है, जिसे अक्टूबर 2025 में जांच अपने हाथ में लेने के बाद से अस्थायी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन पांच से दस पुलिसकर्मी एजेंसी के सामने पेश हो रहे हैं।

पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारी पुलिसकर्मियों से उनके सटीक ड्यूटी स्थल, तैनाती की अवधि, मूल कार्यस्थल और उन्हें सुरक्षा जिम्मेदारी सौंपने वाले अधिकारियों की जानकारी ले रहे हैं।

इस बीच, करूर के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने भी सीबीआई अधिकारियों से संपर्क कर भगदड़ से जुड़ी जानकारियां और सुझाव देने की इच्छा जताई है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पुलिसकर्मियों की मौजूदा पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें बयान दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सुरक्षा प्रबंधन और सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है। इस तरह की घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, और हमें इससे सीखने की आवश्यकता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगदड़ की जांच में सीबीआई का क्या रोल है?
सीबीआई भगदड़ की जांच कर रही है और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को समन भेज रही है।
इस भगदड़ में कितने लोग मारे गए थे?
इस भगदड़ में 41 लोगों की जान गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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