क्या कट्टरपंथी विचार के लोग दोनों तरफ हैं? अरशद मदनी को उदित राज का जवाब
सारांश
Key Takeaways
- कट्टरपंथी विचारधारा दोनों पक्षों में मौजूद है।
- कांग्रेस नेता उदित राज ने अरशद मदनी की टिप्पणियों का खंडन किया।
- धर्म के आधार पर नफरत फैलाने का कोई स्थान नहीं है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी की टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह सेकुलर देश है, लेकिन कट्टरपंथी विचारधारा के लोग दोनों पक्षों में मौजूद हैं। ये लोग हिजाब और घूंघट वाली महिलाओं के मुद्दे पर विवाद उत्पन्न करते हैं।
अरशद मदनी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यदि पार्टी ने 77 साल पहले सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त रुख अपनाया होता, तो वह आज सत्ता में होती। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वाली राजनीति के खिलाफ लचीली नीति अपनाई और सांप्रदायिक शक्तियों से नरमी बरती।
इस पर उदित राज ने कहा, "बड़ी बातें करने की जरूरत नहीं है, कट्टरपंथी विचारधारा के लोग दोनों तरफ हैं। मुस्लिम समुदाय में भी ऐसे लोग हैं जो यह तय करते हैं कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए। एक व्यक्ति कहता है कि हिजाब
उदित राज ने कहा, "महिला प्रधानमंत्री बनना अलग बात है, लेकिन यह कहना कि हिजाबघूंघट
उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, "अगर सरदार पटेल जीवित होते, तो शायद आरएसएस का अस्तित्व समाप्त हो गया होता। नेहरू जी एक उदार नेता थे और उन्होंने सभी को साथ रखा।"
कांग्रेस नेता ने उत्तराखंड में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह समाज को तोड़ने वाली बात है। भगवान एक है और वह सब में है।
उदित राज ने कहा, "सभी हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, सिख और जैन इस धरती पर एक साथ रहते हैं। यह नैरेटिव जानबूझकर बनाया जा रहा है। कल वे कहेंगे कि दलितयादव