क्या केंद्र सरकार के इशारे पर 272 पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी के खिलाफ पत्र लिखा?
सारांश
Key Takeaways
- 272 हस्तियों ने राहुल गांधी के आरोपों की भर्त्सना की।
- उदित राज ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
- चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
- पत्र में सवर्ण समाज के अधिकारियों की संख्या पर ध्यान दिया गया।
- सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश के 272 प्रमुख व्यक्तियों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर 'वोट चोरी' के आरोपों की कड़ी निंदा की है। पत्र में चुनाव आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति बयानबाजी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता उदित राज का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार ने 272 अधिकारियों, जजों, एम्बेसडरों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों से राहुल गांधी के खिलाफ यह पत्र लिखवाया है।
उदित राज का कहना है कि इस पत्र का उद्देश्य चुनाव आयोग की साख पर उठने वाले सवालों से बचना और विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाना है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मोदी सरकार ने 272 अधिकारियों, जजों, एम्बेसडरों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों से राहुल गांधी के खिलाफ पत्र लिखवाकर यह दिखाने की कोशिश की है कि वोट की डकैती करने वाले संवैधानिक संस्थाओं, चुनाव आयोग को बदनाम किया है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस सूची में शामिल नामों के अध्ययन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अपवाद को छोड़कर, सभी सवर्ण समाज के हैं। ये सभी दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज और आदिवासी विरोधी हैं और मनुवाद के समर्थक हैं। इनका विचार आरएसएस और भाजपा के चरित्र के अनुरूप है। इसलिए राहुल गांधी का पक्ष सत्य पर आधारित है और सभी के कल्याण का समर्थन करता है। यह मेरा निजी और अकाट्य विचार है।"
ज्ञात हो कि 272 हस्तियों ने एक स्वर में राहुल गांधी द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों की भर्त्सना की। पत्र में लिखा गया, "लोकसभा में विपक्ष के नेता ने बार-बार चुनाव आयोग पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि जो जानकारी उन्हें मिली है, वह एक 'परमाणु बम' है और जब यह फटेगा, तो चुनाव आयोग के पास छिपने की कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने यह भी धमकी दी कि चुनाव आयोग में जो भी इस मामले में शामिल है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"
पूर्व अधिकारियों ने पत्र में यह भी लिखा, "इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उन्होंने निराधार आरोपों और अपनी जवाबदेही से बचने के लिए निर्धारित शपथपत्र के साथ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।"
सभी हस्तियों ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को भी सही ठहराया। उन्होंने पत्र में कहा, "ईसीआई ने अपनी एसआईआर कार्यप्रणाली को सार्वजनिक रूप से साझा किया है। अदालत की निगरानी वाले तरीकों से सत्यापन किया गया, अयोग्य नामों को हटाया गया और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा गया है।"
इस पत्र पर सभी 272 हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आदर्श कुमार गोयल और हेमंत गुप्ता के अलावा कर्नाटक के पूर्व चीफ जस्टिस और केरल, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के भी हस्ताक्षर शामिल हैं।