क्या केजीएमयू में धर्मांतरण और लव जिहाद का सिंडिकेट चल रहा है? : अपर्णा यादव
सारांश
Key Takeaways
- केजीएमयू में धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोप गंभीर हैं।
- प्रशासन पर आरोपों का खंडन किया गया है।
- महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने इस मामले की जांच की मांग की है।
लखनऊ, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि केजीएमयू में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मामलों का एक सिंडिकेट सक्रिय है।
यह बयान उस समय आया है, जब केजीएमयू परिसर में हंगामा हुआ। अपर्णा यादव ने प्रशासन को पहले ही सूचित किया था कि वे मिलने आ रही हैं, लेकिन उन्हें करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। दूसरी ओर, केजीएमयू प्रशासन ने कहा है कि उन्हें किसी भी प्रकार की सूचना नहीं मिली थी।
लखनऊ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अपर्णा यादव ने कहा, "मैं मिलने के लिए गई थी, लेकिन मुझे अजीब तरीके से लगभग 20 मिनट तक बाहर इंतजार कराया गया। मेरे आने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, फिर भी मुझसे मिलने के लिए 20 मिनट का इंतजार क्यों कराया गया? यहां तक कि दरवाजा बंद कर दिया गया।"
उन्होंने आगे कहा कि केजीएमयू को ज्ञान का मंदिर होना चाहिए, एक पवित्र स्थान जो शिक्षा और स्वास्थ्य का प्रतीक हो, लेकिन वहां अब धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसे मामले सामने आ रहे हैं। वहां से लगातार ऐसे केस आ रहे हैं। एक सीनियर डॉक्टर के साथ जूनियर डॉक्टर गलत बर्ताव करता है, और इसका संरक्षण वाइस चांसलर तथा केजीएमयू के कुछ लोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दो साल तक बिना अनुमति के ब्लड बैंक चलाया जा रहा है, यह केंद्र और राज्य सरकार की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। यह कौन सा कानून का पालन है? वहां लव जिहाद और धर्मांतरण का सिंडिकेट चल रहा है।
उन्होंने केजीएमयू की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा कि आपके पास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का समय था, लेकिन मुझसे मिलने का समय नहीं था। मुझे 20 मिनट तक इंतजार कराया गया। उन्होंने कार्यरत कुछ स्टाफ का जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों को धमकाया जा रहा है कि अगर वे महिला आयोग तक अपनी बात पहुंचाती हैं तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केजीएमयू लखनऊ का सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल है, जो पूरे उत्तर प्रदेश की सेवा करता है। इसकी प्रतिष्ठा को भंग करने का काम किया जा रहा है। अपर्णा यादव ने केजीएमयू में हुई घटना के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि मेरे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। लेकिन, सवाल केजीएमयू पर है, वे मुझ पर आरोप लगा रहे हैं।