क्या बंगाल और दिल्ली में कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क मामले में ईडी की छापेमारी ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है?
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप।
- अनूप माजी के नेतृत्व में एक सिंडिकेट का खुलासा।
- हवाला नेटवर्क से जुड़े लेनदेन का खुलासा।
- राजनीतिक दलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एक मामले में पश्चिम बंगाल के 6 और दिल्ली के 4 ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
जांच में यह सामने आया है कि अनूप माजी के नेतृत्व में एक संगठित कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकालता था, जिसे बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया सहित विभिन्न जिलों में स्थित फैक्ट्रियों और प्लांट्स में बेचा जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस अवैध कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप की कंपनियों को बेचा गया।
ईडी की जांच में हवाला ऑपरेटरों के साथ गहरे संबंध भी उजागर हुए हैं। कई बयानों और दस्तावेजी सबूतों से यह पुष्टि हुई है कि कोयला तस्करी से अर्जित धन को हवाला नेटवर्क के जरिए लेयरिंग किया गया।
इस नेटवर्क में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद मिलने के संकेत मिले हैं। 8 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत हुई तलाशी में कोयला तस्करी से जुड़े लोग, हवाला ऑपरेटर और हैंडलर शामिल पाए गए हैं।
गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। सर्च के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस ने जांच में हस्तक्षेप किया और कुछ जगहों से भौतिक दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटा लिए गए।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सबूतों के आधार पर की गई है, किसी राजनीतिक संस्था या पार्टी कार्यालय को निशाना नहीं बनाया गया है और इसका किसी चुनाव से कोई संबंध नहीं है। यह मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने 28 नवंबर 2020 को ईसीआईआर दर्ज किया था। जांच अनूप माजी और अन्य के खिलाफ चल रही है। यह कार्रवाई सीबीआई कोलकाता की एफआईआर संख्या आरसी0102020ए0022 27 नवंबर 2020 के आधार पर की गई। इस मामले में जल्द ही कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।