27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कुल्लू में बादल फटने से हुआ है बड़ा नुकसान?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कुल्लू में बादल फटने से हुआ है बड़ा नुकसान?

सारांश

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बादल फटने से कई दुकानें और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए शिक्षण संस्थान बंद कर दिए हैं। जानिए इस प्राकृतिक आपदा के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।

मुख्य बातें

कुल्लू में बादल फटने के कारण कई दुकानें और पुल क्षतिग्रस्त हुए।
प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया।
सुरक्षा के लिए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।
स्थानीय लोग डर और चिंता में हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

कुल्लू, 19 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में एक बार फिर से बादल फटने की घटना हुई है। इसके परिणामस्वरूप आस-पास के क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण तीन दुकानें और एक बाइक मलबे में फंस गई हैं। इसके साथ ही, सरवरी में एक पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार तड़के लगभग 3 बजे कुल्लू के लगघाटी इलाके में बादल फटने की घटना हुई। इसके परिणामस्वरूप नाले में अचानक पानी का उफान आया, जिससे कणौण गांव में तीन दुकानें और एक बाइक को नुकसान हुआ। इसके अलावा, कुल्लू शहर के निकट बहने वाली सरवरी खड्ड में जलस्तर काफी बढ़ गया, जिससे सरवरी में एक पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही, फोरलेन से कुल्लू बस स्टैंड को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया।

हालांकि, पुलिस ने सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को बैरिकेडिंग करके लोगों की आवाजाही को रोका है। दूसरे लोग खतरा उठाकर अपनी गाड़ियाँ इन सड़कों पर चला रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।

बादल फटने की तेज आवाज सुनकर ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए थे। स्थिति बिगड़ने के बाद ये लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। एक स्थानीय महिला ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा, "यहाँ डर का माहौल पिछले कुछ समय से बना हुआ है। लगातार बारिश के कारण पूरे प्रदेश में नुकसान हो रहा है। इसी तरह रात में कुल्लू में बादल फटा, जिससे लोग घबरा गए थे।"

वर्तमान में, स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने सरवरी क्षेत्र में नदी-नालों के किनारे झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।

नदी-नालों का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है और लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अफवाहों से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें भी अपने आसपास के लोगों का ध्यान रखना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुल्लू में बादल फटने से क्या नुकसान हुआ?
बादल फटने से तीन दुकानें और एक बाइक क्षतिग्रस्त हुई हैं।
क्या इस घटना में कोई जानी नुकसान हुआ?
गनीमत यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है।
क्या लोग सुरक्षित हैं?
हालांकि स्थिति गंभीर है, प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों पर क्या प्रभाव डाला?
इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और चिंता का माहौल बना दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले