क्या सिख गुरुओं के अपमान के मामले में 'आप' विधायकों ने आतिशी का साथ छोड़ दिया?
सारांश
Key Takeaways
- आम आदमी पार्टी में दरार का दावा
- विधायकों का आतिशी का समर्थन नहीं करना
- सिख गुरुओं के अपमान का मामला
- भाजपा का राजनीतिक लाभ उठाना
- केजरीवाल की भूमिका पर सवाल
नई दिल्ली, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा ने रविवार को यह आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) में दरार पैदा हो गई है, क्योंकि बहुत से विधायकों ने सिख गुरुओं के संदर्भ में अपमानजनक टिप्पणियों पर विपक्ष की नेता आतिशी का समर्थन करने से खुद को अलग कर लिया है।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आतिशी का लगभग साथ छोड़ दिया है, क्योंकि पार्टी के २२ में से २१ विधायक रविवार को उनके समर्थन में आयोजित प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए।
कपूर ने आगे कहा कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सहमति के बिना विधानसभा में विपक्ष की नेता से जुड़े मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन से लगभग सभी आम आदमी विधायकों का अनुपस्थित रहना संभव नहीं है।
भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी में यह दरार शायद केजरीवाल के इशारे पर ही फैल रही है।
उन्होंने कहा कि चूंकि यह मुद्दा सिखों और पंजाब से संबंधित है, इसलिए केजरीवाल ने एक मनगढ़ंत कहानी गढ़कर और श्री गुरु तेग बहादुर जी के बारे में आतिशी की विवादास्पद टिप्पणियों के वीडियो को झूठा घोषित करवाकर मामले को दबाने का प्रयास किया।
हालांकि, अब ऐसा प्रतीत होता है कि केजरीवाल और आतिशी के बीच राजनीतिक खाई काफी चौड़ी हो गई है।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने आतिशी के समर्थन में भाजपा कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी, लेकिन पार्टी मुश्किल से १०० कार्यकर्ताओं को ही जुटा पाई।
इस बीच, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया विधानसभा में आतिशी की अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो प्रामाणिक है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।