क्या अमित मालवीय पर हुआ था झूठा केस, सत्य की हमेशा जीत होती है?

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क्या अमित मालवीय पर हुआ था झूठा केस, सत्य की हमेशा जीत होती है?

सारांश

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मद्रास हाई कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है, जिसने अमित मालवीय के खिलाफ झूठी एफआईआर को रद्द किया। सत्य की जीत का संदेश देते हुए, उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के बयान पर सवाल उठाए।

Key Takeaways

  • मद्रास हाई कोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ झूठी एफआईआर रद्द की।
  • उदयनिधि स्टालिन का बयान विवादास्पद रहा।
  • शहजाद पूनावाला ने सत्य की जीत की बात की।
  • डीएमके पर हेट स्पीच का आरोप लगाया गया।
  • भाजपा नेताओं ने बोलने की स्वतंत्रता की रक्षा की।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ एक पोस्ट को लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर को रद्द करने के मद्रास हाई कोर्ट के निर्णय का भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है

नई दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान शहजाद पूनावाला ने कहा, "मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर एक बात जरूर कहनी चाहिए। सत्यमेव जयते – सत्य की हमेशा जीत होती है। मद्रास हाई कोर्ट ने उस एफआईआर को रद्द कर दिया है जो बदले की भावना से सिर्फ हमारे आईटी सेल प्रमुख और बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय को सच बोलने के लिए सजा देने और दंडित करने के मकसद से दायर की गई थी।"

उन्होंने आगे कहा कि 2023 में, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने न सिर्फ सनातन धर्म का विरोध किया, बल्कि उसे खत्म करने की बात भी कही थी। उन्होंने सनातन की तुलना डेंगू और मलेरिया से की थी। यह हिंदुओं के नरसंहार की एक डरावनी पुकार थी।

उन्होंने कहा कि डीएमके और राज्य सरकार की मशीनरी अमित मालवीय के पीछे पड़ गई, जिन्होंने सिर्फ इस मुद्दे को उठाया था।

शहजाद पूनावाला ने कहा कि मद्रास हाई कोर्ट ने डीएमके के बयान को हेट स्पीच के बराबर बताया और यह भी कहा कि उनके खिलाफ दायर की गई एफआईआर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग थी।

उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस-डीएमके इकोसिस्टम से पूछना चाहता हूं, अमित मालवीय के मामले में बोलने की आजादी का क्या हुआ? आपने सिर्फ उन्हें परेशान करने के लिए एक झूठा केस किया और अपने राजनीतिक विरोधी के खिलाफ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया। जब एक डीएमके नेता कहता है कि हिंदुओं को खत्म करना चाहिए, तो कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी चुप क्यों हैं?

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को तुरंत उनके पद से हटा देना चाहिए और उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने इस देश की 80 प्रतिशत आबादी, हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत भरी बातें कही हैं।

उन्होंने कहा कि तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर दीपस्तंभ पर पवित्र कार्तिगई दीपम जलाने के मामले में भी, डीएमके ने तमिलनाडु के जज जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग का नोटिस दिया। यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि डीएमके द्वारा हिंदुओं को धमकाने की एक सोची-समझी कोशिश है।

पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा, "पंजाब केसरी एक सम्मानित मीडिया ग्रुप है, लेकिन यह मामला सिर्फ पंजाब केसरी तक ही सीमित नहीं है। असल में यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया की आजादी से जुड़ा है।"

Point of View

जबकि उदयनिधि स्टालिन के बयान ने सामाजिक तनाव को बढ़ाया है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

मद्रास हाई कोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर क्यों रद्द की?
मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि एफआईआर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग थी।
उदयनिधि स्टालिन ने क्या विवादास्पद बयान दिया?
उन्होंने सनातन धर्म का विरोध करते हुए उसे खत्म करने की बात कही थी।
शहजाद पूनावाला ने क्या कहा?
उन्होंने सत्य की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरकार द्वारा दबाव का नतीजा है।
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