क्या कांग्रेस और राजद स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं? : संतोष कुमार सुमन

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क्या कांग्रेस और राजद स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं? : संतोष कुमार सुमन

सारांश

बिहार की राजनीति में चारा घोटाले को लेकर उठे नए विवाद के बीच मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कांग्रेस और राजद पर तीखा हमला किया है। क्या ये दल वास्तव में स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनकी राय।

मुख्य बातें

चारा घोटाला एक संवेदनशील मुद्दा है जो बिहार की राजनीति को प्रभावित करता है।
राजद और कांग्रेस पर स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप लगाया गया है।
एनडीए की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है।

पटना, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चारा घोटाले से जुड़े सीबीआई के पूर्व अधिकारी उपेंद्र नाथ बिश्वास के बयान के बाद बिहार की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। इस पर एनडीए सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि यदि चारा घोटाले की जांच में शामिल अधिकारी ऐसा कह रहे हैं, तो इसमें सच्चाई जरूर होगी। कांग्रेस की सरकारें हमेशा ऐसे मामलों में लिप्त रही हैं और अपने लोगों को बचाती रही हैं। राजद और कांग्रेस दोनों ही स्वार्थ की राजनीति करने वाले दल हैं, जो केवल सत्ता प्राप्ति के लिए गठबंधन करते हैं।

मंत्री ने कहा, "एनडीए प्रदेश के विकास के लिए बना है। हमारी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरी है। आज बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है, जबकि राजद और कांग्रेस के पास भ्रष्टाचार का ही रिकॉर्ड है।"

महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बाद उनके भाई तेज प्रताप यादव ने कहा था कि सीएम का चेहरा जनता तय करेगी। मंत्री ने तेज प्रताप के बयान का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, "जनता ने पहले ही तय कर लिया है कि इस बार एनडीए की सरकार बनेगी। कांग्रेस ने दबाव में आकर तेजस्वी के नाम पर मुहर लगाई है। यह गठबंधन जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए बना है। जनता 6 और 11 नवंबर को अपना जनादेश देगी और 14 नवंबर को एनडीए दीपावली और होली एक साथ मनाएगा।"

प्रधानमंत्री मोदी की बिहार रैली को लेकर मंत्री ने कहा कि उनके आने से पूरे एनडीए परिवार को नई ऊर्जा मिलती है। उनके आने से एनडीए मजबूत होगा तथा कार्यकर्ता जनता के बीच और उत्साह के साथ जाएंगे।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के "जननायक" वाले बयानों पर कटाक्ष करते हुए सुमन ने कहा, "अपने मन से कार्यकर्ताओं से कुछ भी घोषणा करा लो, इससे कोई बाबा साहेब अंबेडकर या कर्पूरी ठाकुर नहीं बन सकता। यह बयान अत्यंत निंदनीय है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीति में स्वार्थ और सत्ता की भूख हमेशा मौजूद रही है। हालाँकि, हमें यह भी देखना चाहिए कि किसी मुद्दे का वास्तविक प्रभाव जनता पर क्या पड़ता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारा घोटाले में क्या सच्चाई है?
चारा घोटाले की जांच में शामिल अधिकारियों के बयान के अनुसार, इसमें सच्चाई हो सकती है।
क्या कांग्रेस और राजद स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं?
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने आरोप लगाया है कि दोनों दल केवल सत्ता प्राप्ति के लिए गठबंधन कर रहे हैं।
एनडीए सरकार की क्या नीति है?
एनडीए सरकार ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
राष्ट्र प्रेस