क्या कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं की अनदेखी हो रही है? तारिक अनवर का शीर्ष नेतृत्व से संवाद करने का आग्रह
सारांश
Key Takeaways
- तारिक अनवर की मुस्लिम नेताओं से अपील
- कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व से संवाद
- राहुल गांधी पर उठे सवाल
- कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति
- ऑपरेशन सिंदूर का महत्व
नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद तारिक अनवर ने पार्टी के मुस्लिम नेताओं से कहा है कि यदि उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी अनदेखी हो रही है, तो उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से संवाद करना चाहिए।
यह बयान तब आया है जब कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी को असुरक्षित और डरपोक नेता कहा। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भी कहा कि पार्टी में मुस्लिम नेताओं की अनदेखी हो रही है और राहुल गांधी के पास मुस्लिम नेताओं से मिलने का समय नहीं है।
इन बयानों पर तारिक अनवर ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है। यदि ऐसी कोई चिंता है, तो उन्हें अपने अनुभव के आधार पर कांग्रेस की लीडरशिप से बात करनी चाहिए। यदि सामूहिक नेतृत्व को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है, तो इस पर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के बयान पर तारिक अनवर ने कहा कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष है, तो इसे सही तरीके से सुलझाना चाहिए। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और यह जरूरी है कि यह मजबूत रहे, बेहतर बने और भविष्य में लोकतंत्र की रक्षा करे।
बिहार के कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कार्ति चिदंबरम के बयान पर कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें कोई आधार हो सकता है। हालांकि, यह बहस जारी है कि क्या एक साथ चुनाव कराना सही है या नहीं।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ज्ञात है कि इस दौरान हमारी सेना पाकिस्तान पर हावी थी, लेकिन हमारे नेतृत्व ने उस अवसर का लाभ नहीं उठाया।
वंदे मातरम का जिक्र करते हुए तारिक अनवर ने कहा कि आजादी की लड़ाई में कांग्रेस ने पूरे देश में वंदे मातरम गाया था और आज यह हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है।