क्या आतंकी ठिकानों और एयर बेस को निशाना बनाने वाले फाइटर जेट कर्तव्य पथ पर उड़ान भरेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय लड़ाकू विमान गणतंत्र दिवस परेड में उड़ान भरेंगे।
- ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- भैरव बटालियन की स्थापना भारतीय सेना की ताकत को दर्शाती है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों को समाप्त करने वाले भारतीय लड़ाकू विमानों की गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर उड़ान भरने की योजना है।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत ये फाइटर जेट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इन विमानों ने दुश्मन के एयर बेस को भी निशाना बनाया था। अब, ये फाइटर जेट कर्तव्य पथ पर उड़ान भरेंगे।
पहलवान में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने पलटवार करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने मजबूती से उसका जवाब दिया।
इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना की ताकत और सूझबूझ को पूरी दुनिया ने देखा। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल लड़ाकू विमानों की उड़ान गणतंत्र दिवस पर वायुसेना के फ्लाई पास्ट का मुख्य आकर्षण होगी।
भारतीय वायुसेना के ये लड़ाकू विमान यहाँ ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ में उड़ान भरेंगे। इस ऑपरेशन में राफेल, सुखोई, जैगुआर, मिग 29 सहित लगभग आधा दर्जन से अधिक फाइटर जेट शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त, कई अन्य फॉर्मेशन में भी वायुसेना के फाइटर, हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ान भरते हुए दिखाई देंगे। इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में सेना की भैरव बटालियन भी भाग लेगी। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद कारगिल से थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस नई लाइट कमांडो बटालियन की स्थापना की घोषणा की थी।
इस बटालियन के गठन पर तेजी से काम किया गया है और अब, कर्तव्य पथ पर पहली बार भैरव बटालियन के जवान कदमताल करते हुए सुप्रीम कमांडर को सलामी देंगे।
अब तक भारतीय सेना की 5 भैरव बटालियन स्थापित हो चुकी हैं; 6 महीने में कुल 25 बटालियन स्थापित किए जाने की योजना है। भैरव बटालियन में एलीट सोल्जर्स शामिल हैं, जो स्विफ्ट और सरप्राइज एक्शन लेने की क्षमता रखते हैं। ऐसी प्रत्येक बटालियन में 250 जवान होते हैं।