क्या हम देश के अंदर अवैध धर्मांतरण को नहीं पनपने देंगे: विनोद बंसल?

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क्या हम देश के अंदर अवैध धर्मांतरण को नहीं पनपने देंगे: विनोद बंसल?

सारांश

विनोद बंसल ने ओडिशा में पादरी पर हमले को लेकर पिनाराई विजयन की टिप्पणियों का जवाब दिया है। उनका कहना है कि इस घटना का केरल से कोई संबंध नहीं है, और वे अवैध धर्मांतरण के खिलाफ खड़े हैं।

मुख्य बातें

विनोद बंसल का स्पष्ट संदेश: अवैध धर्मांतरण को नहीं पनपने देंगे।
ओडिशा की घटना का कोई संबंध केरल से नहीं है।
समाज को जागरूक रहने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विनोद बंसल ने ओडिशा में एक पादरी पर हुए हमले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के 'एक्स' पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि ओडिशा वाली घटना से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का कोई लेना-देना नहीं है।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर ओडिशा में एक पादरी पर हुए हमले की निंदा की और इस घटना को संघ परिवार द्वारा बढ़ावा दी जा रही हिंसा और नफरत के माहौल का हिस्सा बताया था।

विहिप नेता विनोद बंसल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जिस मुद्दे पर पिनाराई विजयन ने अपनी जुबान खोली है, उसका सीधा कनेक्शन ईसाई धर्म परिवर्तन गैंग से लगता है। अवैध धर्मांतरण ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में करते हैं तो उनके आका केरल से चिल्लाते हैं। ओडिशा की घटना से पिनाराई विजयन, उनकी पार्टी या केरल का कोई लेना-देना नहीं है। इसका केरल से कोई कनेक्शन नहीं है—न तो पादरी, न कोई मिशनरी, न चर्च और न ही धर्म परिवर्तन गैंग केरल के हैं। इस मामले में या तो कांग्रेस बोलेगी या विजयन बोलेंगे, क्योंकि धर्मांतरण कराने वाली गैंग को संरक्षण देते हैं।

उन्होंने कहा कि जहां भी धर्मांतरण की एक्टिविटी होगी और समाज खड़ा होगा, तो वे विहिप और बजरंग दल को इसमें घुसा देंगे। बजरंग दल को आने की जरूरत नहीं है। समाज के अंदर जनजाति समुदाय जागरूक हो चुका है। इनके पापों का घड़ा फूट चुका है। समाज खुद उत्तर दे रहा है। हम देश के अंदर अवैध धर्मांतरण को नहीं पनपने देंगे। अगर नहीं सुधरे, तो उनकी मानसिकता को सुधारना हम जानते हैं।

विनोद बंसल ने मुरादाबाद की घटना पर कहा कि जिस तरह से कुछ मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू लड़कियों को जबरदस्ती बुर्का पहनाया, उससे एक बात साफ हो गई है कि अब तक मुस्लिम युवाओं, खासकर नाबालिगों, को उनके हाथों में पत्थर देकर और भीड़ में धकेलकर पत्थरबाजी के लिए उकसाया जाता था, लेकिन अब बुर्का पहनी लड़कियों समेत मुस्लिम लड़कियों को भी धर्म परिवर्तन के काम में धकेला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी मौलाना उनके मदरसों में घृणित काम करने लगे हैं। जिन छात्राओं को कलम और कंप्यूटर देकर शिक्षा के लिए आगे बढ़ाना चाहिए था, उन्हें हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनाकर धर्मांतरण करवाया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। यह उत्तर प्रदेश है, बदला हुआ प्रदेश है। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला न केवल धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रतीक है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता को भी दर्शाता है। हमें एकजुट होकर ऐसे मुद्दों पर विचार करना होगा, जिससे समाज में शांति बनी रहे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में पादरी पर हमला क्यों हुआ?
यह हमला अवैध धर्मांतरण से संबंधित विवादों के बीच हुआ।
पिनाराई विजयन का बयान क्या था?
उन्होंने इस घटना की निंदा की और इसे संघ परिवार की हिंसा से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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