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क्या <b>जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गलत</b>? महाराष्ट्र के मंत्री पंकज भोयर बोले- अगले सत्र में लाएंगे कानून

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क्या <b>जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गलत</b>? महाराष्ट्र के मंत्री पंकज भोयर बोले- अगले सत्र में लाएंगे कानून

सारांश

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की योजना के बारे में बताया। यह कानून लोगों को जबरदस्ती या लालच देकर धर्मांतरण से रोकेगा, और राज्य में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। जानिए इस विधेयक के पीछे की सोच और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की तैयारी।
जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने का उद्देश्य।
पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में समिति का गठन।
अन्य राज्यों से सलाह-मशविरा किया जा रहा है।
अगले सत्र में विधेयक पेश करने की योजना।

मुंबई, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र राज्य के गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर ने 'धर्मांतरण विरोधी कानून' लाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से राज्य में कई सकारात्मक परिवर्तन होंगे। जहां कुछ लोग मजबूरी में या प्रलोभन के चलते धर्मांतरण के लिए मजबूर होते हैं, इस विधेयक के आने से यह प्रवृत्ति रुक जाएगी।

पंकज भोयर ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "यदि जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन किया जाता है, तो यह पूरी तरह से गलत है। इस विषय पर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की आवश्यकता है। हमारी कोशिश है कि आगामी शीतकालीन सत्र में यह विधेयक पेश किया जा सके।"

महाराष्ट्र धर्मांतरण विरोधी कानून लाने वाला 11वां राज्य बनेगा। पंकज भोयर ने कहा, "लगभग 10 राज्यों में पहले से ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं, और अब महाराष्ट्र में भी इसे लाने की तैयारी है। अन्य राज्यों से भी सलाह-मशविरा किया जा रहा है और उनके कानून का अध्ययन किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इसे जल्द से जल्द स्क्रूटनी करके विधेयक लाया जाएगा।"

सोमवार को पंकज भोयर ने राज्य विधानमंडल में घोषणा की कि पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर विचार करने के बाद अगले सत्र में धर्मांतरण विरोधी कानून पेश किया जाएगा।

वह भाजपा विधायक उमा खापरे द्वारा सदन में प्रस्तुत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे। उमा खापरे ने पुणे जिले के दौंड तालुका के केडगांव स्थित पंडिता रमाबाई मुक्ति मिशन के अनाथालय में लड़कियों और महिलाओं के धर्मांतरण के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था।

इससे पहले, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 9 जुलाई को कहा था कि सरकार प्रलोभन या जबरदस्ती के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए एक कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की योजना बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि हमें धर्मांतरण के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए। राज्य का धर्मांतरण विरोधी कानून लाने का प्रयास महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे लागू करते समय मानवाधिकारों का सम्मान होना चाहिए। हमें सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता को बढ़ावा देना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मांतरण विरोधी कानून क्या है?
यह कानून जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने से रोकने के लिए बनाया गया है।
कब पेश किया जाएगा यह कानून?
यह कानून आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।
कौन-कौन से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है?
लगभग 10 राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून पहले से लागू हैं।
इस कानून का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य लोगों को मजबूरी में धर्म परिवर्तन से रोकना है।
क्या यह कानून सभी धर्मों के लिए समान होगा?
यह कानून सभी धर्मों के लिए समान रूप से लागू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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