क्या सरकार आंकड़ों की बाजीगरी में व्यस्त है, गरीब अपनी जान गंवा रहे हैं?

सारांश
Key Takeaways
- अव्यवस्था के चलते गरीब अपनी जान गंवा रहे हैं।
- सरकार झूठे आंकड़ों से छवि चमका रही है।
- बेरोजगारी की दर में लगातार गिरावट आ रही है।
- राजेश कौशल की मौत ने पूरे सिस्टम की पोल खोली।
लखनऊ, २७ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ अव्यवस्था के कारण गरीब अपनी जान गंवा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार झूठे आंकड़ों और चमकदार तस्वीरों से पुरस्कार बटोरने में लगी है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अजय राय ने बताया कि लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर-7 निवासी राजेश कौशल की मृत्यु डायरिया के कारण हुई, जिसका मूल कारण दूषित सीवर युक्त पानी था। राजेश कौशल फेरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, उनकी मौत पूरी प्रणाली की असलियत को उजागर करती है। दुःख की बात यह है कि सरकार वास्तविक कारण को छिपा रही है और भाजपा के किसी नेता ने उनके परिवार की चिंता तक नहीं की।
अजय राय ने मौके पर तस्वीरें प्रस्तुत कीं, जिनमें नालों का दूषित पानी और लीक होती पाइपलाइन स्पष्ट रूप से देखी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ, जिसे देशभर में स्वच्छता रैंकिंग में तीसरा स्थान मिला है और जो रक्षा मंत्री का संसदीय क्षेत्र है, वहां लोग गंदगी और बीमारियों से मर रहे हैं। यह सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।
कांग्रेस नेता अजय राय ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवा निराश हैं और सरकार तथाकथित ‘कुंभ रोजगार’ जैसे आयोजनों द्वारा धोखा दे रही है। वहां बच्चों और युवाओं के सीवी और डिग्रियां कूड़े में पड़ी मिल रही हैं। यह युवाओं के साथ एक गंभीर मजाक है।
उन्होंने आगे कहा कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट बताती है कि 20-24 वर्ष के युवाओं में श्रम बल भागीदारी दर लगातार गिर रही है। इसका सीधा अर्थ है कि युवा रोजगार मांगने में भी असफल हो चुके हैं। आईएलओ की रिपोर्ट भी बताती है कि उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी गंभीर रूप से बढ़ रही है। यह सरकार पूरी तरह से असफल हो चुकी है। न तो युवाओं को रोजगार मिल रहा है, न किसानों को खाद, न आम लोगों को शुद्ध पानी और न ही महिलाओं को सुरक्षा।