क्या तेजस्वी सत्ता में नहीं आएंगे, नौकरी देने का झूठा दावा है? - चिराग पासवान

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क्या तेजस्वी सत्ता में नहीं आएंगे, नौकरी देने का झूठा दावा है? - चिराग पासवान

सारांश

चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव के सरकारी नौकरी देने के वादे को खोखला बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और चिराग के तर्क।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव के वादे पर सवाल उठाने वाले चिराग पासवान ने उनकी संभावनाओं को चुनौती दी।
चिराग का कहना है कि महागठबंधन के वादे केवल चुनावी जुमले हैं।
जीविका योजना पर चिराग ने नकल का आरोप लगाया।
चिराग का विजन है बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट .
सभी को उनकी क्षमताओं के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

पटना, 28 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव द्वारा युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादे पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कड़ा जवाब दिया है।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को यह अच्छी तरह से पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले हैं। चुनाव के चलते वे केवल जुमले बुन रहे हैं।

चिराग पासवान ने तेजस्वी को चेतावनी दी है कि वे झूठ बोलने से बचें और जनता को गुमराह न करें। उन्होंने विधानसभा चुनाव में विपक्ष के घोषणापत्र को बेबुनियाद करार दिया और कहा कि यह सब केवल चुनावी वादे हैं। तेजस्वी यादव का यह दावा कि हर परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाएगी, यह केवल खोखले वादे हैं। उन्हें खुद पता है कि वे सत्ता में नहीं आ रहे हैं।

जीविका योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि इस योजना की नकल किसने की? उन्होंने कहा कि असल में 2005 से पहले, जब तक बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार नहीं आई, तब तक यह कार्यक्रम अस्तित्व में नहीं था। "हम नकल नहीं करते।"

चिराग ने आगे कहा कि महागठबंधन ने एक डिप्टी सीएम की घोषणा की है, जबकि हम ऐसी कोई घोषणा नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि जब हम सत्ता में आएंगे, तो सभी को उनके प्रतिभा के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने परिवार के बाहर किसी को भी सक्षम नहीं मानते हैं। अगर लालू प्रसाद यादव जेल जाते हैं, तो उनकी पत्नी सीएम बन जाएंगी, और अगर वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं करते हैं, तो उनका बेटा सीएम बन जाएगा।

चिराग ने कहा कि विपक्षी दल मुस्लिमों को केवल वोट बैंक के रूप में देखते हैं। उनके लिए एमवाई समीकरण में सांप्रदायिकता या जातिवाद नहीं है। "एम" से महिला और "वाई" से युवा। हमारी सरकार का मंत्र स्पष्ट है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास. मेरा विजन स्पष्ट है। मैं बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट की बात करता हूं।

भाजपा नेता संजय मयूख ने कहा कि जीत "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर होगी। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम 2010 से भी बड़ी जीत हासिल करेंगे, क्योंकि एनडीए सरकार ने बिहार को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। सत्ता में आने से पहले, नेताओं को अपने वादों की गंभीरता को समझना चाहिए। यह समय है कि जनता जागरूक हो और नेताओं की बातों का सही मूल्यांकन करें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव के वादों पर क्या कहा?
चिराग पासवान ने कहा कि तेजस्वी यादव सत्ता में नहीं आएंगे और उनका सरकारी नौकरी देने का वादा खोखला है।
तेजस्वी यादव का जीविका योजना पर क्या कहना है?
तेजस्वी यादव ने जीविका योजना को अपने कामों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है, लेकिन चिराग ने इसे नकल बताया।
चिराग पासवान का राजनीतिक दृष्टिकोण क्या है?
चिराग पासवान का मानना है कि उनकी सरकार का मंत्र सबका विकास है और वे बिहार फर्स्ट की नीति का समर्थन करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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