30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उपराष्ट्रपति के पद से जगदीप धनखड़ का इस्तीफा कई सवाल खड़े करता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उपराष्ट्रपति के पद से जगदीप धनखड़ का इस्तीफा कई सवाल खड़े करता है?

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य के गिरते स्तर के साथ जोड़ा और पार्टी के रुख पर भी चर्चा की। क्या यह इस्तीफा राजनीति में नई हलचल लाएगा? जानिए पूरी जानकारी इस लेख में।

मुख्य बातें

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से हुआ।
कांग्रेस ने धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।
इमरान मसूद ने इस्तीफे को कई सवालों का कारण बताया।
मतदाता पुनरीक्षण को लोकतंत्र के लिए खतरा माना गया।
सभी कांवड़ियों को एक समान नहीं समझा जाना चाहिए।

नई दिल्ली, 22 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कई प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा निस्संदेह कई प्रकार के सवालों को जन्म देता है। धनखड़ ने अपने इस्तीफे का कारण गिरते स्वास्थ्य को बताया है। मसूद ने कहा कि उपराष्ट्रपति का यह कदम ऐसे समय में आया है जब उनके कई कार्यक्रम पहले से निर्धारित थे।

जब इमरान मसूद से पूछा गया कि कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही थी, लेकिन आज वही पार्टी उनके समर्थन में है, तो उन्होंने उत्तर दिया कि यह पूरा मामला विश्वास और समर्थन से संबंधित नहीं है। यदि उनकी सीमाओं का उल्लंघन हुआ है, तो उनकी भावनाएं निश्चित रूप से आहत हुई हैं।

ज्ञात हो कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने 10 दिसंबर 2024 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी को सौंपा गया, जिसमें लगभग 60 सांसदों के हस्ताक्षर थे। इसमें कांग्रेस के साथ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (आप), समाजवादी पार्टी (एसपी), डीएमके, आरजेडी, सीपीआई, सीपीआई (एम), और जेएमएम जैसे दलों का समर्थन था। विपक्ष ने धनखड़ पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालन का आरोप लगाया था। हालांकि, यह प्रस्ताव 19 दिसंबर 2024 को उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया।

इसके अलावा, उन्होंने मतदाता पुनरीक्षण पर संसद में चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया और कहा कि उनका मत इस पर स्पष्ट है। यह बात अस्वीकार नहीं की जा सकती कि मतदाता पुनरीक्षण इस देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है।

वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा कांवड़ियों को 'गुंडा' कहे जाने पर इमरान मसूद ने आपत्ति जताई और कहा कि इस प्रकार के बयानों से बचना चाहिए। यदि कोई कांवड़ ले जाने वाला व्यक्ति किसी अशोभनीय गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे सभी कांवड़ियों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह उचित नहीं है।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर सवाल उठाए और कहा कि निश्चित रूप से उनके इस्तीफे से कई प्रकार के प्रश्न उत्पन्न होते हैं। हम चाहते हैं कि सरकार इस विषय पर अपना स्पष्टीकरण दे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि उपराष्ट्रपति का इस्तीफा न केवल उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राजनीति में समय-समय पर परिवर्तन आवश्यक होते हैं। हमें इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र की नींव मजबूत बनी रहे।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा क्यों हुआ?
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने इस्तीफे का कारण गिरते स्वास्थ्य को बताया है।
इमरान मसूद ने इस्तीफे पर क्या कहा?
इमरान मसूद ने कहा कि यह इस्तीफा कई सवाल खड़े करता है और यह ऐसे समय में आया जब धनखड़ के कई कार्यक्रम पूर्व निर्धारित थे।
अविश्वास प्रस्ताव का क्या हुआ?
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, लेकिन इसे उपसभापति ने खारिज कर दिया।
मतदाता पुनरीक्षण पर इमरान मसूद का क्या दृष्टिकोण है?
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है और इसके खिलाफ अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया है।
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर इमरान मसूद ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने इस तरह के बयानों से बचने की सलाह दी और कहा कि सभी कांवड़ियों को एक समान नहीं समझना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 साल पहले
  2. 1 साल पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले