क्या विधेयक पर सूझबूझ से चर्चा और समीक्षा की आवश्यकता है? : आनंद दुबे

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क्या विधेयक पर सूझबूझ से चर्चा और समीक्षा की आवश्यकता है? : आनंद दुबे

सारांश

क्या भाजपा के नए विधेयक से राजनीति में अपराध का प्रभाव कम होगा? जानें आनंद दुबे की राय और इस विधेयक की महत्ता के बारे में।

मुख्य बातें

विधेयक में जेल में रहने की अवधि के आधार पर पद खोने का प्रावधान है।
पार्टी में अपराधियों की संख्या पर सवाल उठाए गए हैं।
आनंद दुबे का मानना है कि विवेचनात्मक चर्चा आवश्यक है।
राजनीति में अपराध का स्थान नहीं होना चाहिए।
सुरक्षा मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।

मुंबई, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं। इस पर शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

आनंद दुबे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि विधेयक में एक महत्वपूर्ण प्रावधान है कि यदि किसी को पांच साल की सजा होती है और वह 30 दिन से अधिक जेल में रहता है, तो वह अपना पद खो देगा। चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो, गृह मंत्री या केंद्र शासित प्रदेश का बड़ा अधिकारी ही क्यों न हो।

उन्होने कहा कि इस विधेयक पर संसद में बहस और वोटिंग होगी। अपराध का राजनीति में कोई स्थान नहीं होना चाहिए, लेकिन कई बार विरोधियों को फंसाकर लंबे समय तक जेल में रखा जाता है। ऐसे विधेयक पर सूझबूझ के साथ चर्चा की आवश्यकता है, उसकी समीक्षा होनी चाहिए, देश के सामने विवरण आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा में अपराधियों की संख्या अधिक है। कोई भी अपराध कर भाजपा में शामिल हो जाता है तो वह निर्मल और स्वच्छ हो जाता है। भाजपा यह विधेयक ऐसे लोगों को सुधारने के लिए ला रही है या विपक्ष पर दबाव डालने के लिए ला रही है, यह विधेयक आने के बाद पता चलेगा।

आनंद दुबे ने इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को योग्य बताया। उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी योग्य और शिक्षित उम्मीदवार हैं। वे उपराष्ट्रपति पद के साथ-साथ राज्यसभा के सभापति के रूप में भी जिम्मेदारी अच्छे से निभा सकते हैं। दोनों ही उम्मीदवार योग्य हैं और सीपी. राधाकृष्णन भी अच्छे, निर्विवाद और कट्टरता से दूर रहने वाले व्यक्ति हैं। हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, इसलिए हमारी इच्छा है कि हमारा उम्मीदवार जीते। राजनीति में जब दो योद्धा मैदान में उतरते हैं, तो एक की जीत और दूसरे की हार तय होती है। हम अपने उम्मीदवार को जिताने का पूरा प्रयास करेंगे।

आनंद दुबे ने कहा कि भले ही उनके पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन हमारे इंडिया गठबंधन ने भी सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज होने के नाते उनकी छवि बेहतरीन है और लोगों को उनके काम करने का तरीका पसंद आया है। मुकाबला कड़ा होगा। अब देखना है कि टीडीपी का क्या रुख रहता है, क्योंकि उसके पास 16 सीटें हैं और रेड्डी साहब आंध्र प्रदेश से ही हैं। साथ ही जदयू और अन्य दलों से बातचीत जारी है।

उन्होने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमले पर प्रतिक्रिया दी। आनंद दुबे ने कहा कि किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्तियों पर हमला अस्वीकार्य है। रेखा गुप्ता पर हुआ हमला लोकतंत्र और संवैधानिक प्रक्रिया पर सीधा आघात है। हमें जानकारी है कि आरोपी पकड़ा गया है और दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। पहले भी अरविंद केजरीवाल पर रैली के दौरान हमला हुआ था। आज रेखा गुप्ता पर हुआ है, कल किसी और पर हो सकता है। इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए और पुलिस को सतर्क रहना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राजनीति में अपराध को समाप्त करना और दोषी व्यक्तियों को पद से हटाना है।
क्या यह विधेयक केवल भाजपा के लिए है?
नहीं, यह विधेयक सभी राजनीतिक दलों के लिए समान रूप से लागू होगा।
आनंद दुबे का क्या कहना है?
आनंद दुबे का मानना है कि इस विधेयक पर सूझबूझ से चर्चा और समीक्षा होनी चाहिए।
क्या इस विधेयक से विपक्ष पर दबाव डालने का प्रयास किया जा रहा है?
आनंद दुबे ने इस पर भी सवाल उठाए हैं, यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
क्या इस विधेयक का समर्थन किया जाएगा?
इसका समर्थन या विरोध संसद में बहस के बाद तय होगा।
राष्ट्र प्रेस
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