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क्या विपक्ष बिना हंगामा किए अपने मुद्दे उठाएगा संसद के शीतकालीन सत्र में?: राधा मोहन सिंह

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क्या विपक्ष बिना हंगामा किए अपने मुद्दे उठाएगा संसद के शीतकालीन सत्र में?: राधा मोहन सिंह

सारांश

संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। एनडीए नेताओं ने विपक्ष से अपील की है कि वे सत्र को सुचारू रूप से चलने दें। जानें इस सत्र में क्या कुछ खास होने जा रहा है।

मुख्य बातें

संसद का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से शुरू हो रहा है।
एनडीए ने विपक्ष से सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील की है।
राधा मोहन सिंह ने उम्मीद जताई है कि विपक्ष बिना हंगामे के मुद्दे उठाएगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और 'वोट चोरी' जैसे मुद्दे गर्मागर्म चर्चा का विषय हो सकते हैं।
सर्वदलीय बैठक में सभी दलों को सत्र को सही तरीके से चलाने का अनुरोध किया गया है।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र को लेकर एनडीए के नेताओं ने विपक्षी दलों से अनुरोध किया है कि वे इसे सुचारू रूप से चलने दें।

भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हर सत्र का उद्देश्य सरकार के लिए आवश्यक मुद्दों पर चर्चा करना होता है, लेकिन विपक्ष अक्सर बाधा डालता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार विपक्ष बिना किसी रुकावट के अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएगा।

गुजरात से भाजपा के राज्यसभा सांसद बाबूभाई देसाई ने कहा कि भाजपा का एजेंडा देशहित और भारत को विश्‍वगुरु बनाने का है। हालांकि, यह माना जा रहा है कि संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहने वाला है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दूसरे चरण और 'वोट चोरी' जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष हंगामा कर सकता है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बताया कि साल में चार बार संसद सत्र होते हैं और हर सत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाती है। इस बैठक में एनडीए के साथ-साथ विपक्ष के नेता भी शामिल होते हैं। सभी दलों से अपील की जाती है कि सत्र को सही तरीके से चलने दिया जाए।

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र हंगामे के कारण बाधित हो गया था। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दों को लेकर हंगामा किया था। ऐसे में विपक्ष एक बार फिर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, और यह महत्वपूर्ण है कि सभी राजनीतिक दल अपने मुद्दों को उठाने में सक्षम हों। विपक्ष को भी अपनी बात कहने का अवसर मिलना चाहिए ताकि लोकतंत्र की सच्ची भावना बनी रहे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद का शीतकालीन सत्र कब शुरू होगा?
संसद का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर को शुरू होगा और 19 दिसंबर तक चलेगा।
इस सत्र में कौन से मुद्दे उठाए जा सकते हैं?
इस सत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और 'वोट चोरी' जैसे मुद्दे उठाए जा सकते हैं।
क्या विपक्ष हंगामा करेगा?
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष इस बार भी हंगामा कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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