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क्या युवाओं का आगे आना लोकतंत्र को बचाने के लिए जरूरी है? : अबू आजमी

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क्या युवाओं का आगे आना लोकतंत्र को बचाने के लिए जरूरी है? : अबू आजमी

सारांश

समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने युवाओं को लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में युवाओं की आवाज़ महत्वपूर्ण है। जानें वे क्या कहते हैं इस मुद्दे पर।

मुख्य बातें

युवाओं का सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत करेगी।
मौजूदा स्थिति में संविधान को खतरा है।
राजनीतिक हितों के लिए धर्म के नाम पर विभाजन नहीं होना चाहिए।
एकजुटता से हम ट्रंप जैसे नेताओं की हरकतों का मुकाबला कर सकते हैं।
विवादित बयानों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए।

मुंबई, 19 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस अपील को मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए जरूरी बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र को बचाने के लिए युवाओं का आगे आना आवश्यक है।

अबू आजमी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि मौजूदा समय में देश की स्थिति बदहाल हो चुकी है। सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र के सिद्धांतों को ताक पर रखने पर आमादा हो चुके हैं।

ऐसी स्थिति में हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम अपने देश के युवाओं को इस बारे में अवगत कराएं। इसके अलावा आगामी दिनों में देश की कमान युवाओं के हाथों में ही होगी। ऐसी स्थिति में अब लगता है कि समय की संवेदनशीलता को भांपते हुए उन्हें आगे आना चाहिए और जिस तरह की व्यवस्था मौजूदा समय में चल रही है, उसके विरोध में आवाज उठानी चाहिए, ताकि इस पर विराम लग सके।

भाजपा पर निशाना साधते हुए अबू आजमी ने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि संविधान खतरे में है। देश में अराजकता का माहौल है।

ये लोग सिर्फ अपना राजनीतिक हित साधने के मकसद से लोगों के बीच में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने पर आमादा हो चुके हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में मैं भी देश के युवाओं से यही अपील करना चाहूंगा कि वे आगे आएं और देश का कंट्रोल अपने हाथों में लें, नहीं तो आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा विकट हो सकती है।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंध में कहा कि कभी वह अमेरिका पर टैरिफ लगा देते हैं तो कभी प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हैं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि यह पूरी तरह से नौतंकीबाजी हो रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस तरह की नौतंकीबाजी देश के लिए किसी भी स्थिति में हितकारी नहीं है।

सपा नेता ने दावा किया कि उन्होंने कहीं पर एक लेख पढ़ा था, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की मां कहती है कि "मेरा बेटा अगर राजनीति में चला गया तो गड़बड़ी हो जाएगी।" अबू आजमी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की मां ने बिल्कुल ठीक कहा था। भारत को चाहिए कि वह अपनी स्थिति को मजबूत करे, ताकि हर प्रकार की विषम परिस्थिति का सामना डटकर किया जा सके। हमें ट्रंप की तरफ देखने की जरूरत नहीं है।

सपा नेता ने कहा कि राम मनोहर लोहिया ने खुद कहा था कि अगर हमें भारत को मजबूत करना है तो इसके लिए हमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों का एक महासंघ बनना चाहिए। अगर यह सभी मुल्क एकजुट हो जाएं तो हम एक ताकत बना सकेंगे और ट्रंप फिर ऐसी हरकत नहीं कर पाएंगे।

समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने कहा कि वे सभी नेता जो विवादित बयान देते हैं, कोर्ट को उन सभी पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस को बिना किसी धर्म को देखकर विवादित बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि फिर से कोई विवादित बयान देने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण है। आज की युवा पीढ़ी को अपनी आवाज़ उठाने की आवश्यकता है, ताकि वे न केवल अपनी भविष्य को सुरक्षित कर सकें, बल्कि देश की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबू आजमी ने युवाओं को क्यों आगे आने का कहा?
उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में युवाओं का योगदान आवश्यक है ताकि लोकतंत्र की रक्षा की जा सके।
क्या भारत में लोकतंत्र खतरे में है?
अबू आजमी के अनुसार, वर्तमान में संविधान और लोकतंत्र की स्थिरता को खतरा महसूस हो रहा है।
युवाओं की भूमिका क्या होनी चाहिए?
युवाओं को अपनी आवाज़ उठानी चाहिए और राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ मुखर होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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