क्या मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है?
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश में ठंड का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे है।
- राजगढ़ में सबसे कम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- राज्य के 24 जिलों में स्कूलों की छुट्टी है।
- सरकार ने रेन बसेरों में गर्म कपड़े उपलब्ध कराए हैं।
- ठंड और कोहरे के चलते रेल सेवाएं प्रभावित हैं।
भोपाल, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शीत लहर ने ठिठुरन को बढ़ा दिया है। ठंड और कोहरे के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेल गाड़ियां देरी से चल रही हैं, और कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में ठंड का असर बना हुआ है।
न्यूनतम तापमान की बात करें तो राज्य के अधिकांश हिस्सों में यह 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजधानी भोपाल में तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस पाया गया। ठंड और कोहरे के कारण रेल गाड़ियों की गति भी धीमी हो गई है, जिससे कई यात्री गाड़ियां घंटों की देरी से चल रही हैं।
राज्य के 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी दी गई है। कुछ स्थानों पर एक दिन और कुछ स्थानों पर दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है। इसके साथ ही, स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब इन जिलों में स्कूल सुबह साढ़े नौ बजे के बाद खुल रहे हैं। सुबह नौ बजे तक कोहरे का प्रभाव बना रहता है, और दिन में सर्द हवाएं ठिठुरन का अनुभव करवा रही हैं। धूप भी ठंड को कम करने में नाकाम साबित हो रही है।
राज्य सरकार ने रेन बसेरा में रहने वाले लोगों के लिए गर्म कपड़े उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में राजधानी के रेन बसेरों का दौरा किया था और वहां कंबल आदि का वितरण किया था। इसके साथ ही, कई सामाजिक संगठन जरूरतमंदों की सहायता में लगे हैं, और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में भी ठंड का प्रकोप बना रहेगा और कोहरा जनजीवन को प्रभावित करता रहेगा। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्म कपड़ों का अधिकतम उपयोग करें और घर से बाहर निकलने से बचें।