क्या मध्य प्रदेश में 5 साल में 55 हजार बालिकाएं लापता हुईं?

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क्या मध्य प्रदेश में 5 साल में 55 हजार बालिकाएं लापता हुईं?

सारांश

क्या मध्य प्रदेश में 55 हजार बालिकाएं लापता हुईं? नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए इस मामले में क्या कहा गया है और क्या है सरकार की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • 55 हजार बालिकाएं लापता हुईं।
  • कानून-व्यवस्था में गिरावट।
  • महिला सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न।
  • मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
  • बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प।

भोपाल, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में बालिका सुरक्षा को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पांच साल में लगभग 55 हजार बालिकाएं लापता हुई हैं।

राज्य में महिलाओं पर बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस सरकार को घेर रही है और अब नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने बालिका सुरक्षा पर कहा कि यह सिर्फ आँकड़े नहीं, महिला सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न हैं। पिछले पांच वर्षों में प्रदेश से 54,803 बालिकाएं लापता हुई हैं, और वर्ष 2025 में ही 13,146 एफआईआर दर्ज हुई हैं। ये आंकड़े साबित करते हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

राज्य के गृह विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास है और इसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने तंज भरे अंदाज में कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि गृह विभाग की डोर मुख्यमंत्री के हाथ से फिसलती जा रही है। चुनावी समय में किए गए बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत में शून्य साबित हुए हैं। महिला सुरक्षा और नारी सशक्तीकरण केवल नारे बनकर रह गए हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे इस गंभीर विषय का तत्काल संज्ञान लें, प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और दोषियों पर कठोर कार्यवाही कर जवाबदेही तय करें।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बालिका दिवस के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि बेटियां हमारे समाज की शक्ति, संस्कार और भविष्य हैं। हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। आज हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करेंगे, उनके सपनों को नई उड़ान देंगे और उन्हें आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

दरअसल, राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है। बीते कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों से आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में राज्य की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसके साथ ही बालिकाओं के लापता होने के मामले भी बढ़े हैं।

Point of View

यह घटना न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। यह दर्शाता है कि हमारे समाज में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। हमें मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या वास्तव में मध्य प्रदेश में 55 हजार बालिकाएं लापता हुईं?
जी हां, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में लगभग 55 हजार बालिकाएं लापता हुई हैं।
इस मामले में सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?
सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बालिका सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जाए।
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