क्या मध्य प्रदेश की सरकार ने स्कूल की इमारत को ढहा दिया? - उमंग सिंघार
सारांश
Key Takeaways
- शिक्षा विरोधी नीतियों का आरोप
- बैतूल में स्कूल का ध्वस्त होना
- सरकार द्वारा 29,000 स्कूलों का बंद होना
भोपाल, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाया है और कहा कि बैतूल जिले में सरकार ने एक विद्यालय की इमारत को ढहा दिया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर सरकार 'पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया' का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर बैतूल के ढाबा गांव में ₹20 लाख की लागत से बने स्कूल को ध्वस्त कर दिया गया है। जब सरपंच की एनओसी थी और भवन शिक्षा के लिए बनाया गया था, तो मामूली तकनीकी कमियों के लिए जुर्माना लगाने के बजाय उसे तोड़ना कहां का न्याय है? क्या मप्र में विकास का अर्थ सिर्फ बुलडोजर है?
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि स्कूल का यह भवन मध्य प्रदेश की सरकार की शिक्षा विरोधी सोच का परिणाम है। यह स्कूल आसपास के गांवों के लिए शिक्षा का एक केंद्र बनने वाला था, जो अब सरकार की शिक्षा विरोधी सोच का शिकार हो गया है।
उन्होंने कहा कि भैंसदेही क्षेत्र का ढाबा गांव उसी जिले का हिस्सा है जहाँ से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आते हैं। अब एक बार सोचिए कि जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के जिले में ही शिक्षा के मंदिरों को ध्वस्त किया जा रहा है, तो बाकी प्रदेश का क्या हाल होगा?
राज्य में पिछले वर्षों में बंद हुए सरकारी स्कूलों का उल्लेख करते हुए सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार ने पिछले पांच वर्षों में लगभग 29,000 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, कोई निजी स्कूल बना रहा है तो उसे भी नहीं बनने दे रही है। आखिर यह सरकार सरकारी स्कूलों को बंद करके और निजी स्कूलों को तोड़कर प्रदेश को किस गर्त में ले जाना चाहती है?