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वाशिम: एसटी बस में 70 वर्षीय महिला से ₹1.78 लाख के गहने-नकदी चोरी, 4 महिला आरोपी गिरफ्तार

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वाशिम: एसटी बस में 70 वर्षीय महिला से ₹1.78 लाख के गहने-नकदी चोरी, 4 महिला आरोपी गिरफ्तार

सारांश

वाशिम में एसटी बस सफर के दौरान 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के ₹1.78 लाख के गहने और नकद चुराने वाली चार महिलाओं को पुलिस ने शेलू बाजार के पास पकड़ा। सारा सामान बरामद। पुणे में अलग मामले में हरियाणा के तीन आरोपी गणेशोत्सव भीड़ में चोरी के लिए गिरफ्तार।

मुख्य बातें

वाशिम जिले में मंगरुलपीर-अकोला एसटी बस में 70 वर्षीय चंद्रकला बोडखे से ₹1.5 लाख के गहने और ₹28,000 नकद चोरी हुई।
पुलिस ने चार महिला आरोपियों को शेलू बाजार के पास ऑटो-रिक्शा से भागते हुए पकड़ा।
चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर पीड़ित चंद्रकला बोडखे को वापस लौटाया गया।
अलग मामले में पुणे पुलिस ने चोरी के 9 मामलों में हरियाणा के पलवल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, ₹23 लाख का सामान जब्त।
पुणे आरोपियों ने गणेशोत्सव और गणेश विसर्जन जुलूस की भीड़ का फायदा उठाकर चोरियाँ की थीं।

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में मंगरुलपीर-अकोला मार्ग पर चलती स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में सफर कर रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंद्रकला बोडखे से ₹1.5 लाख के सोने के गहने और ₹28,000 नकद चोरी करने के मामले में पुलिस ने चार महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। चोरी गया सारा सामान बरामद कर पीड़ित महिला को वापस सौंप दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

यह घटना तब हुई जब चंद्रकला बोडखे मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में यात्रा कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी महिलाओं ने यात्रा के दौरान सुनियोजित तरीके से बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया, जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।

जब बस शेलू बाजार पहुँची, तो चारों महिलाएँ अचानक उतर गईं। अन्य यात्रियों को संदेह हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग जाँचा और पाया कि उनके सोने के गहने तथा नकदी गायब है। उन्होंने शोर मचाकर सहयात्रियों से सहायता माँगी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि चारों संदिग्ध महिलाएँ ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से रवाना हो चुकी थीं। पुलिस ने तेज़ी से पीछा कर चारों को पकड़ लिया और उनके पास से चोरी का सारा सामान बरामद किया।

बरामद गहने और नकदी बाद में चंद्रकला बोडखे को वापस लौटा दी गई। पुलिस ने चारों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।

पुणे में अलग मामला: हरियाणा के तीन आरोपी गिरफ्तार

एक अलग मामले में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जाँच के बाद पुलिस ने लगभग ₹23 लाख का कीमती सामान जब्त किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जाँच विश्रामबाग पुलिस ने की। संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल निवासियों के तौर पर हुई — अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21)।

इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में भी इन्हीं तीनों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया।

आम जनता पर असर और सतर्कता की जरूरत

वाशिम की यह घटना सार्वजनिक परिवहन में, विशेष रूप से एसटी बसों में, बुजुर्ग और अकेले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। गौरतलब है कि इस तरह की संगठित चोरी की घटनाएँ अक्सर तब होती हैं जब यात्री भीड़ में असावधान हों या कीमती सामान खुले बैग में रखें।

पुलिस ने यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, को सलाह दी है कि वे सार्वजनिक वाहनों में यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

क्या होगा आगे

वाशिम पुलिस चारों महिला आरोपियों से पूछताछ कर यह जाँच कर रही है कि क्या वे किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं जो बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन में चोरी की वारदातें करता है। पुणे मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि एसटी बसों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। पुणे मामले में आरोपियों का 4,600 किलोमीटर की दूरी तक पीछा किया जाना पुलिस की सक्रियता दर्शाता है, लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि धार्मिक आयोजनों में अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत क्यों नहीं किया जाता।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाशिम एसटी बस चोरी मामले में क्या हुआ?
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में चार महिलाओं ने 70 वर्षीय चंद्रकला बोडखे से ₹1.5 लाख के सोने के गहने और ₹28,000 नकद चोरी कर लिए। पुलिस ने आरोपियों को शेलू बाजार के पास पकड़ा और सारा सामान बरामद कर पीड़ित को वापस दिया।
चोरी का सामान वापस मिला या नहीं?
हाँ, पुलिस ने चारों महिला आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद चोरी के सोने के गहने और ₹28,000 नकद पूरी तरह बरामद कर लिए। बरामद सामान बुजुर्ग पीड़ित चंद्रकला बोडखे को वापस सौंप दिया गया।
पुणे में गिरफ्तार हरियाणा के आरोपियों ने क्या किया था?
पुणे में गिरफ्तार तीनों आरोपी — अजय, अमन और दीपक — हरियाणा के पलवल के निवासी हैं। इन पर गणेशोत्सव और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर चोरी के नौ मामले दर्ज हैं, जिनमें लगभग ₹23 लाख का सामान चुराया गया।
सार्वजनिक परिवहन में चोरी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एसटी बस या अन्य सार्वजनिक वाहनों में कीमती गहने या नकद खुले बैग में न रखें। संदिग्ध व्यक्तियों या असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या बस चालक को दें, विशेषकर बुजुर्ग यात्री अकेले सफर के दौरान अधिक सतर्क रहें।
वाशिम मामले में पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
जब चोरी का पता चला, तो स्थानीय पुलिस ने जाँच में पाया कि चारों महिलाएँ ऑटो-रिक्शा से शेलू बाजार से भाग चुकी थीं। पुलिस ने तेज़ी से पीछा कर उन्हें पकड़ लिया और चोरी का पूरा सामान बरामद किया।
राष्ट्र प्रेस
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