क्या मुंबई में बुजुर्ग महिला से नकली पुलिस बनकर ठगी हुई?

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क्या मुंबई में बुजुर्ग महिला से नकली पुलिस बनकर ठगी हुई?

सारांश

मुंबई में बुजुर्ग महिला के साथ ठगी का यह मामला है, जहां नकली पुलिस बनकर आरोपियों ने सोने के गहने चुराए। क्या आप जानते हैं कि इस तरह की ठगी से कैसे बचें?

Key Takeaways

  • बुजुर्गों को अजनबियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
  • संदिग्ध परिस्थितियों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
  • गहनों को अजनबियों को न सौंपें।
  • पुलिस की पहचान पत्र की जांच करें।
  • सुरक्षा के लिए सतर्क रहें।

मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के कांदिवली पश्चिम क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला के साथ ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने पुलिस होने का नाटक कर करीब 1 लाख रुपए मूल्य के सोने के गहने चुराए।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान प्रीमा संजीवा पुजारी (66) के रूप में हुई है। वह पिछले 25 वर्षों से कांदिवली पश्चिम में अपने परिवार के साथ रह रही हैं और रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। जब वह डहाणूकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर चल रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और कहा कि पीछे कोई उन्हें बुला रहा है।

इसी बीच, दूसरे आरोपी ने डराते हुए कहा कि आगे गहनों के लिए चाकू से हत्या की गई है। उसने महिला से कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें अपने गहने तुरंत उतार लेने चाहिए। महिला ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनका भरोसा जीत लिया।

आरोपियों ने महिला को एक काली प्लास्टिक की थैली दी और कहा कि वह अपने सारे गहने उसमें रख दें। भयभीत होकर महिला ने अपने सभी सोने के गहने थैली में रख दिए। इसके बाद, आरोपियों ने थैली वापस कर दी और सुरक्षित रखने की सलाह देते हुए वहां से फरार हो गए।

कुछ समय बाद, महिला को शक हुआ। जब उन्होंने थैली खोली, तो उसमें कुछ नहीं था। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता के अनुसार, इस वारदात में तीन आरोपी शामिल थे। दो आरोपी सीधे उनसे बातचीत कर रहे थे, जबकि तीसरा दूर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था।

घटना के तुरंत बाद, महिला ने पुलिस को सूचना दी और कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मेट्रो स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

मुंबई पुलिस का कहना है कि नागरिक, विशेषकर बुजुर्ग, किसी भी व्यक्ति पर जो खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताए, बिना पहचान पत्र देखे भरोसा न करें। किसी भी हाल में गहने या कीमती सामान अजनबियों को न सौंपें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Point of View

बल्कि यह समाज में सुरक्षा और विश्वास को प्रभावित करती है। हमें जागरूक रहना चाहिए और एक-दूसरे की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

इस घटना में कितने आरोपी शामिल थे?
इस वारदात में तीन आरोपी शामिल थे।
महिला के गहनों की कुल कीमत कितनी थी?
महिला के गहनों की कुल कीमत करीब 1 लाख रुपए थी।
महिला ने पुलिस को कब सूचना दी?
घटना के तुरंत बाद महिला ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
बुजुर्गों को इस तरह की ठगी से बचने के लिए क्या सलाह दी गई है?
बुजुर्गों को अजनबियों पर भरोसा न करने और संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है।
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