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महाराष्ट्र सरकार का ईंधन उपलब्धता पर ठोस आश्वासन, चिंता की कोई बात नहीं

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महाराष्ट्र सरकार का ईंधन उपलब्धता पर ठोस आश्वासन, चिंता की कोई बात नहीं

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने ईंधन की उपलब्धता पर आश्वासन दिया है। राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

ईंधन की आपूर्ति पर कोई कमी नहीं है।
सरकार ने चौबीसों घंटे निगरानी रखने का आश्वासन दिया है।
महाराष्ट्र में २४ स्ट्रेटिक डिपो हैं।
सरकार ने समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए हैं।
घरेलू एलपीजी स्टॉक स्थिर है।

मुंबई, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में महाराष्ट्र सरकार ने प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के समन्वय से सोमवार को राज्यभर में पर्याप्त ईंधन उपलब्धता का ठोस आश्वासन दिया।

राज्य के अधिकारियों और भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (बीपीसीएल), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि पेट्रोल, डीजल और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का भंडार जनता की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, और किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए आपूर्ति संचालन की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल दिग्गीकर ने कहा कि तेल बाजारों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, राज्य का बुनियादी ढांचा नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी क्षमता से काम कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार तेल निगम कंपनियों के समन्वय से ईंधन की निर्बाध आपूर्ति की निगरानी कर रही है।

महाराष्ट्र में २४ स्ट्रेटिक डिपो (१० इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, ८ भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और ६ हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के) हैं, जो लगभग ८,१२६ पेट्रोल पंपों को सेवा प्रदान करते हैं। तेल निगम कंपनियां वर्तमान में प्रतिदिन लगभग १८,५०० किलोलीटर पेट्रोल और ४०,००० किलोलीटर डीजल की आपूर्ति कर रही हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित तेल और गैस कंपनियों के प्रतिनिधि उमेश कुलकर्णी ने बताया कि १ से ४ अप्रैल तक की औसत बिक्री (प्रतिदिन १८,६०५ किलोलीटर पेट्रोल और ४४,४८४ किलोलीटर डीजल) जनवरी से मार्च २०२६ के बीच दर्ज की गई औसत बिक्री के आंकड़ों के अनुरूप है।

स्टेट राशनिंग कंट्रोलर चंद्रकांत डांगे ने कहा कि राज्य सरकार ने इस अवधि के दौरान समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के लिए विशिष्ट नियामक उपाय लागू किए हैं।

घरेलू एलपीजी स्टॉक स्थिर है और ग्राहकों की बुकिंग के अनुरूप आपूर्ति जारी है। लगभग २३ बॉटलिंग प्लांट २,२२९ वितरकों को सहायता प्रदान करते हैं, जो लगभग ३.५ करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करते हैं।

डांगे ने कहा कि उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए बुकिंग अंतराल पर प्रतिबंध लागू है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को कोई कठिनाई न हो।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या महाराष्ट्र में ईंधन की कमी हो सकती है?
नहीं, महाराष्ट्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं होगी।
राज्य सरकार ईंधन की आपूर्ति कैसे सुनिश्चित कर रही है?
सरकार प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय कर रही है और चौबीसों घंटे आपूर्ति की निगरानी कर रही है।
एलपीजी की उपलब्धता पर क्या असर पड़ेगा?
एलपीजी की उपलब्धता स्थिर है और ग्राहकों की बुकिंग के अनुरूप आपूर्ति जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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