क्या उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घायल व्यक्ति की मदद के लिए काफिला रोका?
सारांश
Key Takeaways
- अजित पवार ने मानवता का उदाहरण पेश किया।
- दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को प्राथमिक उपचार मिलना महत्वपूर्ण था।
- सोशल मीडिया पर इस घटना की सराहना की जा रही है।
- राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच भी मानवता का महत्व है।
- नेताओं को आम नागरिकों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक बार फिर अपनी मानवीय भावना के कारण चर्चा में हैं। पुणे में एक सड़क दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रोक दिया और घायल व्यक्ति को सहायता प्रदान की।
यह घटना पुणे के शिवाजीनगर इलाके में सर्किट हाउस के पास हुई, जब सुबह करीब साढ़े छह बजे अजित पवार का काफिला वहां से गुजर रहा था।
अजित पवार अपने निवास से सर्किट हाउस की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने सड़क पर दुर्घटना का शिकार हुए एक व्यक्ति को देखा। दुर्घटना में एक दोपहिया वाहन चालक को मामूली चोटें आई थीं। प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था की परवाह न करते हुए अजित पवार ने तुरंत काफिला रुकवाने का आदेश दिया। वे खुद गाड़ी से उतरे और घायल व्यक्ति के पास पहुंचे।
उन्होंने घायल से उसकी हालत के बारे में पूछा और उसे पानी पिलाया। साथ ही, अपने काफिले में शामिल एम्बुलेंस से डॉक्टर को बुलाकर प्राथमिक उपचार करवाया। अजित पवार ने घायल को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए, लेकिन घायल ने बताया कि उसकी चोट गंभीर नहीं है और केवल उंगली पर मामूली चोट लगी है। इसके बाद घायल ने अजित पवार से हाथ मिलाया और वे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अजित पवार की इस त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया की खूब सराहना कर रहे हैं। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम और सुरक्षा घेरे के बावजूद एक आम नागरिक की मदद के लिए रुकना, एक जिम्मेदार नेता की मिसाल माना जा रहा है। कई लोगों ने इसे राजनीति से ऊपर उठकर मानवता का उदाहरण बताया है।