महिला आरक्षण बिल का समर्थन, संगीत जगत के दिग्गजों ने किया स्वागत
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना है।
- संगीत जगत के दिग्गजों ने इस कदम का समर्थन किया है।
- महिलाओं को घर और देश दोनों को चलाने की क्षमता है।
- समाज में महिलाओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
- राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी से सकारात्मक बदलाव संभव है।
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संगीत की दुनिया में नई ऊंचाइयों को छूने और नवाचार लाने के लिए विख्यात गीतकार समीर अंजान ने एक नया म्यूजिक प्लेटफॉर्म ‘औमोरा' पेश किया है। इस प्लेटफॉर्म के उद्घाटन पर संगीत क्षेत्र के कई प्रमुख गायक मौजूद रहे। इस अवसर पर महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा हुई।
समीर अंजान ने कहा, "सरकार का यह कदम अत्यंत प्रशंसनीय है। महिलाएं हर क्षेत्र में, चाहे वह सोशल मीडिया हो या सरकारी विभाग, उत्कृष्टता का प्रदर्शन कर रही हैं। मुझे विश्वास है कि राजनीति में महिलाओं की संख्या में वृद्धि से सकारात्मक परिवर्तन आएगा और देश की प्रगति में तेजी आएगी।"
भजन सम्राट अनूप जलोटा ने महिला आरक्षण बिल पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी 33 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है क्योंकि देश में समझदारी और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण महिलाओं की कमी नहीं है।"
उन्होंने यह भी कहा, "मैं उन सभी महिलाओं का स्वागत करता हूं जो देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं और राजनीति में आकर इसे संभव बनाना चाहती हैं।"
प्लेबैक सिंगर कुणाल गांजावाला ने कहा, "यह हमारे देश और हर महिला के लिए एक खुशखबरी है। वर्षों से, एक मां, पत्नी, बेटी, सास या बहन के रूप में महिलाओं ने घर को संजोया है। लेकिन समाज में इसे सही सम्मान नहीं मिलता। अब समय बदल रहा है और लोग रिश्तों में पारस्परिक सम्मान करने लगे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारे देश में हमेशा महिलाओं को सर्वोपरि समझा गया है। यदि महिलाओं का अनादर किया जाएगा, तो देश का पतन निश्चित है। इस बिल के बाद देश के विकास की गति में भी बदलाव आएगा, क्योंकि एक महिला जो घर चला सकती है, वह देश भी चला सकती है।"