महिला वकीलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत किया, कहा- आने वाली पीढ़ी को मिलेगा लाभ
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महिलाओं ने स्वागत किया है।
- महिलाएं इस अधिनियम के लाभ का इंतजार कर रही थीं।
- आरक्षण ने महिलाओं को आगे आने का मौका दिया।
- महिलाओं को राजनीति में समान अवसर नहीं मिलते।
- सरकार की पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
चंडीगढ़, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की महिला वकीलों ने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। वकील मीनाक्षी चौधरी ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि तीन दशकों से महिलाएं इस अधिनियम की प्रतीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि भले ही हमारा समय बीत जाएगा, लेकिन यदि आने वाली पीढ़ी को इसका लाभ होता है, तो यह स्वागत योग्य है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महिलाओं के लिए लिखे गए पत्र पर मीनाक्षी ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिती दर्ज करवा रही हैं। उन्हें राजनीति में उतना मौका नहीं मिलता, जितना कि होना चाहिए। नेता अक्सर अपने परिवार की महिलाओं को आगे लाते हैं, जबकि आम महिलाओं को राजनीति में स्थान नहीं मिलता।
वकील किरनदीप कौर ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा नहीं है कि महिलाओं को अवसर नहीं मिलते, लेकिन कई बार हम स्वयं को पीछे महसूस करते हैं। हमें लगता है कि हम यह नहीं कर सकते, जबकि पुरुष हमसे बेहतर कर सकते हैं। आरक्षण मिलने पर महिलाएं आगे आकर अपनी क्षमताएं दिखा सकेंगी।
वकील रिंकी के. सिंघानिया ने यह भी कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना सरकार की एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने बताया कि कई बार नाम तो महिलाओं का होता है, लेकिन कार्य कोई और ही करता है। यदि महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है, तो उन्हें वही कार्य भी करना चाहिए। जब महिलाओं को अवसर दिया गया, तो उन्होंने हर जगह अपनी योग्यता साबित की है।