ममता बनर्जी को एसआईआर से दिक्कत क्यों है?
सारांश
Key Takeaways
- फर्जी मतदाता पहचान का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
- ममता बनर्जी का विरोध राजनीतिक हितों से जुड़ा है।
- भाजपा का स्पष्ट रुख अवैध मतदाताओं के खिलाफ है।
- राहुल गांधी का राम मंदिर दर्शन एक महत्वपूर्ण कदम है।
- ओवैसी के बयान पर भी चर्चा हुई है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर उठाए गए सवालों पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फर्जी मतदाताओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जफर इस्लाम ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी एसआईआर पर सवाल इसलिए उठा रही हैं क्योंकि उन्हें डर है कि यदि सभी फर्जी मतदाताओं को पहचान कर उन्हें मतदान से वंचित कर दिया गया तो उनके लिए कौन मतदान करेगा? यह नकारा नहीं किया जा सकता कि फर्जी मतदाताओं के सहारे ही ममता बनर्जी ने अपना राजनीतिक आधार बनाए रखा है, जिसे अब सहन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि मेरा सीधा सवाल है कि जब एसआईआर के तहत फर्जी मतदाताओं को चिन्हित किया जा रहा है, तो ममता बनर्जी को दिक्कत क्या है? यदि उन्हें समस्या है, तो यह स्पष्ट है कि उनका संबंध फर्जी मतदाताओं से है।
जफर इस्लाम ने यह भी कहा कि यदि ममता बनर्जी वर्तमान में एसआईआर का विरोध कर रही हैं, तो यह साफ है कि वे अपने राजनीतिक किले को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि यह फर्जी मतदाताओं के सहारे ही खड़ा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी जितना भी विरोध करें, यह सुनिश्चित है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद केवल वही मतदाता रहेंगे जो वैध होंगे। अवैध मतदाताओं को पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा।
उन्होंने राहुल गांधी के अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करने पर प्रतिक्रिया दी। जफर इस्लाम ने कहा कि यह आस्था से जुड़ा विषय है, लेकिन कई बार यह देखा गया है कि लोग इस आस्था का बहरूपिया बन जाते हैं।
जफर इस्लाम ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी जनेऊ धारी ब्राह्मण तो कभी कुछ और बन जाते हैं। उनकी मंशा पर सवाल उठते रहते हैं। यदि वे राम मंदिर का दर्शन करने जा रहे हैं, तो हम उनका स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि वे वहां से कुछ अर्जित करके लौटेंगे।
उन्होंने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे इस देश में किराएदार नहीं, बल्कि मालिक हैं।
जफर इस्लाम ने ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वे सही कह रहे हैं, लेकिन मेरा उनसे सवाल है कि यदि वे खुद को मालिक मानते हैं, तो वे मालिक होने का फ़र्ज क्यों नहीं निभा रहे हैं? उन्हें विभिन्न वर्गों के हितों पर खुलकर बात करनी चाहिए थी।
भाजपा प्रवक्ता ने ‘सामना’ के संपादकीय पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। संपादकीय में इस्तेमाल की गई भाषा से आगामी बीएमसी चुनाव में उनकी हार का डर साफ दिखाई देता है। राज्य की जनता अब इन लोगों को पसंद नहीं करती।
इसके अलावा, जफर इस्लाम ने उस मांग का समर्थन किया जिसमें कहा गया है कि मुंबई का मेयर हिंदू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि महाराष्ट्र में अधिकतर आबादी हिंदुओं की है।