ममता बनर्जी पर वायरल मीम: चुनाव आयोग ने पुलिस को दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी पर बने आपत्तिजनक मीम वीडियो के वायरल होने पर २७ अप्रैल को पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
- मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं, लेकिन आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज होने की संभावना।
- २९ अप्रैल को पश्चिम बंगाल की १४२ विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण का मतदान होगा।
- भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा के सुवेंदु अधिकारी चुनाव मैदान में हैं।
- इस चुनाव में अब तक ३३९ करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग्स जब्त — २०२१ के १३६ करोड़ रुपए से ढाई गुना अधिक।
- राज्य में ४८,४६,१८३ लीटर शराब भी जब्त की जा चुकी है।
पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना बनाकर बनाया गया एक आपत्तिजनक मीम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। २७ अप्रैल को यह मामला सामने आया और आयोग ने बिना किसी औपचारिक शिकायत के स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को सक्रिय किया।
मुख्य घटनाक्रम
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह मीम वीडियो सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लक्षित करके तैयार किया गया था। कथित तौर पर यह वीडियो उस समय वायरल हुआ जब चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में था। आयोग ने संकेत दिया है कि इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा सकता है।
गौरतलब है कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, फिर भी आयोग ने स्वप्रेरणा से पुलिस को निर्देश देकर अपनी सतर्कता का परिचय दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है।
भवानीपुर सीट पर निर्णायक मुकाबला
२९ अप्रैल (बुधवार) को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में राज्य की १४२ विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसमें कोलकाता की प्रतिष्ठित भवानीपुर विधानसभा सीट भी शामिल है, जहाँ स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मैदान में हैं। उनके खिलाफ विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं।
दोनों उम्मीदवारों के बीच प्रचार के दौरान तीखी बयानबाजी हुई। सोमवार को प्रचार-प्रसार आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया।
चक्रबेरिया में व्यवधान और विवाद
ममता बनर्जी ने शनिवार को चक्रबेरिया में एक जनसभा को संबोधित किया, जहाँ कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था की घटना सामने आई। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के नजदीक माइक्रोफोन से प्रतिप्रचार किया, जिससे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख को अपना भाषण कुछ ही मिनटों में समाप्त करना पड़ा।
उन्होंने भाजपा पर शिष्टाचार की कमी का आरोप लगाया। रविवार को उन्होंने उसी क्षेत्र में एक जुलूस निकालकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सूत्रों के अनुसार, इसी तनावपूर्ण माहौल में वायरल मीम वीडियो का प्रसार हुआ, जिसे आयोग ने गंभीरता से लिया।
जब्ती के आंकड़े: पिछले चुनावों से कहीं आगे
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों ने इस अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल में अब तक ४८,४६,१८३ लीटर शराब जब्त की है, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक है। २०२१ के विधानसभा चुनाव में जहाँ लगभग १३६ करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग्स बरामद हुई थीं, वहीं इस बार ३३९ करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग्स जब्त की जा चुकी हैं — यानी ढाई गुना से भी अधिक वृद्धि।
आंकड़ों के अनुसार यह वृद्धि चिंताजनक है और यह बताती है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें पहले से कहीं बड़े पैमाने पर हो रही हैं।
आयोग की प्रतिबद्धता
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आयोग का यह कदम यह संदेश देता है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री को चुनावी माहौल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब सभी की निगाहें २९ अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं — खासकर भवानीपुर सीट पर, जहाँ ममता बनर्जी की राजनीतिक साख दाँव पर है।