38वीं राष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप इंफाल में शुरू, मणिपुर सीएम ने खिलाड़ियों को ओलंपिक का सपना दिखाया
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 2 अक्टूबर 2026 को इंफाल के खुमान लंपक मेन इंडोर स्टेडियम में 38वीं राष्ट्रीय योगासन चैंपियनशिप-2026 का उद्घाटन करते हुए भारतीय खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे वैश्विक मंच पर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए खुद को तैयार करें और भविष्य में ओलंपिक तक पहुँचने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि योगासन, जो भारत की सदियों पुरानी ज्ञान परंपरा में निहित है, एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल विधा के रूप में उभरने की पूरी क्षमता रखता है।
चैंपियनशिप का स्वरूप और थीम
यह तीन दिवसीय आयोजन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। मणिपुर योग सोसाइटी, इंफाल ने इसे ऑल इंडिया योग कल्चर फेडरेशन के सहयोग से आयोजित किया है। चैंपियनशिप की थीम 'स्वास्थ्य, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के लिए योगासन' रखी गई है। इसी आयोजन के साथ-साथ वर्ष 2027 में थाईलैंड में होने वाली 12वीं विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के चयन हेतु ट्रायल भी आयोजित किए जा रहे हैं।
देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने राज्यों में लौटते समय मणिपुर से शांति का संदेश लेकर जाएँ।
मुख्यमंत्री का योग से व्यक्तिगत जुड़ाव
खेमचंद सिंह ने बताया कि वे वर्ष 2014 से जमीनी स्तर पर योग को बढ़ावा देने के काम से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र में सेवा भारती से जुड़े योग शिक्षक विभिन्न धार्मिक और पवित्र स्थलों पर जाकर लोगों को योग सिखाते थे। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा तीनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
उन्होंने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं की वैश्विक प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा में यूरोप के अकादमिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी रुचि बढ़ रही है।
हॉकी का उदाहरण और तैयारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने हॉकी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत का इस खेल से लंबे समय से जुड़ाव रहा है, किंतु अलग-अलग दौर में पर्याप्त तैयारी न होने के कारण उच्चतम स्तर पर दबदबा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने योगासन खिलाड़ियों को यह सबक ध्यान में रखने की सलाह दी और कहा कि वैश्विक व विश्व चैंपियनशिप के साथ-साथ ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में अभी से खुद को तैयार करना ज़रूरी है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का संदर्भ
खेमचंद सिंह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना का प्रस्ताव रखा था। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसे 177 देशों ने सह-प्रायोजित किया था। यह पहल योगासन को वैश्विक पहचान दिलाने में एक निर्णायक मोड़ साबित हुई।
गृहमंत्री की प्रतिक्रिया और आगे की राह
मणिपुर के गृह एवं युवा मामले और खेल मंत्री कोंथौजाम गोविंदास सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में योग को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व पहचान मिली है और भारत इस प्राचीन परंपरा को विश्व मंच तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि योगासन अनुशासन, एकाग्रता, शारीरिक फिटनेस, मानसिक संतुलन, आत्मसंयम और दृढ़ता को बढ़ावा देता है।
12वीं विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल के परिणाम इसी आयोजन के दौरान सामने आएंगे, जिससे थाईलैंड के लिए भारतीय दल की रूपरेखा तय होगी।