PM मोदी ने अहमदाबाद में प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का उद्घाटन किया, बोले — योग बनेगा रोज़गार का बड़ा स्रोत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को वर्चुअल माध्यम से अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का उद्घाटन किया। 4 से 8 जून तक चलने वाले इस आयोजन में 60 से अधिक देशों के प्रतिभागी शामिल हैं। उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता मिलने से रोज़गार के व्यापक अवसर उत्पन्न होंगे।
योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल की नई पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'हर जीवन परंपरा समय के साथ नए चरण में प्रवेश करती है। योगासन की यह विश्व चैंपियनशिप इसी चरण का शुभारंभ है।' उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में योगासन ओलंपिक सहित अंतरराष्ट्रीय बहुखेल प्रतियोगिताओं में भी अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने कहा, 'हम जितनी मेहनत करेंगे, उतना सुखद परिणाम आ सकता है।'
रोज़गार और इकोसिस्टम पर ज़ोर
मोदी ने योगासन के खेल के रूप में विस्तार को रोज़गार सृजन से जोड़ते हुए कहा, 'हर बड़ा खेल अपने साथ एक पूरा इकोसिस्टम लेकर आता है।' उनके अनुसार, योगासन के खेल-क्षेत्र में बढ़ने से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और इवेंट प्रबंधकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार खेल क्षेत्र को आर्थिक गतिविधि के एक सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने पर बल दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि लगभग एक दशक पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे 190 देशों का समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि आज करोड़ों लोग योग, ध्यान और प्राणायाम को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। गौरतलब है कि यह चैंपियनशिप 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले आयोजित की गई है।
कोलकाता में मुख्य योग दिवस कार्यक्रम
मोदी ने बताया कि इस वर्ष 21 जून का मुख्य अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित होगा। इस वर्ष की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई है। उन्होंने विश्व योगासन चैंपियनशिप और योग दिवस को मिलाकर इसे 'हेल्थ और वेलनेस की डबल डोज' की संज्ञा दी।
प्रतिभागियों को संदेश
प्रधानमंत्री ने 60 से अधिक देशों से आए प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे अपील की कि वे अपने-अपने देशों में योग के संदेश को फैलाएं और योग दूत की भूमिका निभाएं। यह आयोजन भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति में योग की केंद्रीय भूमिका को और पुख्ता करता है।