मणिपुर: कांग्रेस ने जनगणना को स्थगित करने की की मांग, जब तक सामान्य स्थिति नहीं लौटेगी

Click to start listening
मणिपुर: कांग्रेस ने जनगणना को स्थगित करने की की मांग, जब तक सामान्य स्थिति नहीं लौटेगी

सारांश

मणिपुर में कांग्रेस ने जनगणना प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक राज्य में सामान्य स्थिति नहीं लौटती और विस्थापित लोग अपने घर नहीं लौटते, तब तक जनगणना कराना उचित नहीं होगा। जानें पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • जनगणना स्थगित करने की मांग कांग्रेस द्वारा की गई है।
  • राज्य में सामान्य स्थिति बहाल होने तक यह प्रक्रिया नहीं की जाएगी।
  • हिंसा में कई लोगों की जान गई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
  • कांग्रेस ने पुलिस व्यवस्था में सुधार की भी मांग की है।
  • नागरिकता अधिनियम के तहत पहचान प्रक्रिया की पारदर्शिता आवश्यक है।

इंफाल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर में कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को आगामी जनगणना की प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक राज्य में पूर्ण सामान्य स्थिति बहाल नहीं होती और जातीय हिंसा के कारण विस्थापित सभी लोग अपने घरों को वापस नहीं लौटते, तब तक जनगणना कराना उचित नहीं होगा।

इससे पहले, मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि मणिपुर में स्व-गणना और हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 17 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ओकरम इबोबी सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि 8 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की जान गई है। मृतकों में दो बच्चे और एक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान शामिल हैं।

सिंह ने 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी गांव में दो नाबालिग बच्चों की हत्या की जांच की गति बढ़ाने और दोषियों को समयसीमा में सजा दिलाने की मांग की। साथ ही, उस दिन हुई फायरिंग की घटना की जांच के लिए आयोग गठित करने की भी मांग की गई है, जिसमें तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी।

उन्होंने जानकारी दी कि उखरूल और कमजोंग जिलों में दो समुदायों के बीच झड़पें और आगजनी की घटनाएं जारी हैं, जिनमें दो लोगों की मौत हुई है। इन घटनाओं के कारण 8 फरवरी से क्षेत्र का एक प्रमुख राजमार्ग भी बंद है।

10 अप्रैल को उखरूल जिले में ड्यूटी के दौरान बीएसएफ जवान मिथुन मंडल की संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा हत्या कर दी गई। वह रोड ओपनिंग पार्टी की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।

कांग्रेस के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले तीन वर्षों में प्रशासनिक विफलताओं और निजी स्वार्थों के चलते मणिपुर पुलिस प्रभावहीन हो गई है। पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व्यवस्था को बहाल, पुनर्गठित और मजबूत करने की मांग की है।

इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने कहा कि नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत नागरिकों और गैर-नागरिकों की पहचान की पारदर्शी प्रक्रिया पूरी होने और राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल होने तक जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया को स्थगित किया जाना चाहिए।

पार्टी ने अवैध घुसपैठ और विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए मणिपुर में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल स्थापित करने की भी मांग की है।

Point of View

कांग्रेस की ओर से जनगणना को स्थगित करने की मांग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है। यह दर्शाता है कि राजनीतिक दलों के बीच राज्य की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कि वर्तमान में अत्यंत आवश्यक है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

कांग्रेस ने जनगणना को स्थगित करने की मांग क्यों की?
कांग्रेस ने कहा है कि जब तक मणिपुर में सामान्य स्थिति नहीं लौटती और विस्थापित लोग अपने घर नहीं लौटते, तब तक जनगणना कराना उचित नहीं होगा।
मणिपुर में हाल में हुई हिंसा के कारण क्या हैं?
मणिपुर में हाल में हुई हिंसा जातीय विवादों के कारण हुई है, जिसमें कई लोगों की जान गई है।
कांग्रेस का ज्ञापन किसे सौंपा गया?
कांग्रेस का ज्ञापन राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को सौंपा गया है।
कब से कब तक जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा की गई थी?
जनगणना की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी।
कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था को बहाल करने के लिए क्या सुझाव दिया?
कांग्रेस ने पुलिस व्यवस्था को बहाल, पुनर्गठित और मजबूत करने की मांग की है।
Nation Press