मणिपुर के राज्यपाल ने बिष्णुपुर में मातृत्व सुविधा का उद्घाटन किया
सारांश
Key Takeaways
- ‘इमा समुदाय’ की परंपरा और शक्ति की सराहना की गई।
- बिष्णुपुर में नई प्रसूति सुविधा का उद्घाटन हुआ।
- माताओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- गोजेंद्र फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- समुदाय की एकता और दायित्व को बढ़ावा दिया गया।
इंफाल, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार को ‘इमा समुदाय’ की गहरी परंपरा, साहस और नैतिक नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस समुदाय ने इतिहास में समाज का निर्माण और न्याय व शांति के लिए आवाज उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मणिपुरी भाषा मैतेइलोन में "इमा" का अर्थ है ‘मां’।
बिष्णुपुर जिले के निंगथौखोंग में ख्वैराकपाम कृष्णगोपाल मेमोरियल बिल्डिंग का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह पहल एक साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की एक बड़ी सोच को दर्शाती है।
इस अवसर पर इस भवन को औपचारिक रूप से निंगथौखोंग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को समर्पित किया गया।
गोजेंद्र फाउंडेशन द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बनाए गए इस भवन को मणिपुर सरकार को सौंप दिया गया है, जिससे केंद्र का विस्तार और उन्नयन किया जा सके। विशेष रूप से इसमें माताओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु एक विशेष प्रसूति वार्ड स्थापित किया गया है।
राज्यपाल भल्ला ने कहा कि यह केवल एक इमारत का उद्घाटन नहीं है, बल्कि लोगों के लिए उम्मीद, सम्मान और बेहतर देखभाल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने ‘इमा समुदाय’ की ताकत, धैर्य और नैतिक नेतृत्व की फिर से सराहना की और बताया कि इस समुदाय ने मणिपुरी समाज को दिशा देने और न्याय, शांति व अधिकारों के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यह पहल अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों को भी देश निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि यह भवन दयालुता, एकता और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा।
उन्होंने गोजेंद्र फाउंडेशन की भी सराहना की, जो लगातार कमजोर वर्गों की सेवा कर रही है और इस भवन को बनाकर सरकार को सौंपा है।
उन्होंने इसे जनसेवा और परोपकार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि नया प्रसूति वार्ड अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे सुरक्षित मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य सुधरेगा।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को अपनी समस्याओं से जुड़े ज्ञापन भी सौंपे, जिनमें सेवाओं और उपकरणों की कमी का जिक्र किया गया।
इस कार्यक्रम में गृह, युवा मामले और खेल मंत्री गोविंददास कोंथौजम के साथ-साथ थंगा, नंबोल, ओइनाम, मोइरांग, कुम्बी और लिलोंग क्षेत्रों के विधायक भी उपस्थित रहे।