क्या मणिपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए बीएसएफ कांस्टेबल के भाई को नौकरी दी?

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क्या मणिपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए बीएसएफ कांस्टेबल के भाई को नौकरी दी?

सारांश

मणिपुर पुलिस ने शहीद बीएसएफ जवान दीपक चिंगखम के छोटे भाई को नौकरी देकर उनके बलिदान को सम्मानित किया है। जानें इस अद्भुत कहानी के पीछे की सच्चाई और परिवार की भावनाएं।

Key Takeaways

  • शहीद जवानों के परिवारों के प्रति समर्थन आवश्यक है।
  • मणिपुर पुलिस ने शहीद के भाई को नौकरी देकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
  • वीर चिंगखम की कहानी हमें बलिदान और देशभक्ति का महत्व याद दिलाती है।

इम्फाल, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर पुलिस ने अपने प्राणों की आहुति देने वाले बीएसएफ के वीर जवान दीपक चिंगखम के छोटे भाई चिंगखम नाओबा सिंह को मणिपुर पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) के पद पर नियुक्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।

यह नियुक्ति 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान शहीद हुए दीपक चिंगखम के बलिदान और वीरता की सराहना के लिए की गई है।

वीर चक्र से सम्मानित कांस्टेबल दीपक चिंगखम, जो बीएसएफ की 7वीं बटालियन में तैनात थे, मई में भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुए संघर्ष के दौरान आर.एस.पुरा सेक्टर के खरकोला बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) पर पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

10 मई को पाकिस्तान द्वारा की गई क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग में उन्हें गंभीर चोटें आईं, और 11 मई को उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उस समय उनकी उम्र केवल 25 वर्ष थी।

इम्फाल ईस्ट जिले के निवासी दीपक चिंगखम एक समर्पित और साहसी जवान थे। उन्होंने अप्रैल 2021 में बीएसएफ में भर्ती होकर देश की सेवा शुरू की थी। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा ने न केवल मणिपुर बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया है।

राज्य सरकार ने पहले ही शहीद दीपक के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। उनके पिता, चिंगखम बोनीबिहारी सिंह, ने कहा, "हमें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। वह देश के लिए जीया और देश के लिए शहीद हुआ।"

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दीपक चिंगखम हमारी फोर्स के बहादुर जवानों में से एक थे। उनका बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा। पूरा बीएसएफ उनके परिवार के साथ खड़ा है।"

चिंगखम ने अप्रैल 2021 में बीएसएफ में शामिल होकर अपने कर्तव्यों का पालन शुरू किया था।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि हम अपने वीरों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे। एक राष्ट्र के रूप में, हमें उनके योगदान को सराहना चाहिए और उनकी स्मृति को जीवित रखना चाहिए।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक विशेष अभियान है जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों ने अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के बलिदान को सम्मानित किया।
दीपक चिंगखम कौन थे?
दीपक चिंगखम बीएसएफ के एक वीर जवान थे, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपने कर्तव्यों के दौरान शहादत प्राप्त की।
चिंगखम नाओबा सिंह को किस पद पर नियुक्त किया गया?
उन्हें मणिपुर पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) के पद पर नियुक्त किया गया है।
शहीद के परिवार को क्या सहायता दी गई है?
राज्य सरकार ने शहीद के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
दीपक चिंगखम की उम्र कितनी थी?
उनकी उम्र शहादत के समय केवल 25 वर्ष थी।