30 सितंबर 2026
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मार थोमा चर्च ने PM मोदी को दिया धन्यवाद, सऊदी अरब से 3 सदस्यों की रिहाई में मिली मदद

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मार थोमा चर्च ने PM मोदी को दिया धन्यवाद, सऊदी अरब से 3 सदस्यों की रिहाई में मिली मदद

सारांश

सऊदी अरब के डिटेंशन सेंटर से तीन चर्च सदस्यों की रिहाई के बाद मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च के प्रमुख ने PM मोदी को पत्र लिखकर धन्यवाद दिया। यह घटना भारतीय राजनयिक तंत्र की खाड़ी देशों में प्रभावशीलता को सामने लाती है।

मुख्य बातें

मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च के प्रमुख थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने 9 सितंबर 2026 को PM मोदी को आभार-पत्र लिखा।
सऊदी अरब के डिटेंशन सेंटर से रिहा कराए गए तीन सदस्य हैं — डैनीमन , लिजू मैथ्यू और मैथ्यू चेरियाचेन ।
चर्च ने प्रधानमंत्री कार्यालय के 'तत्काल हस्तक्षेप' और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के समन्वय की विशेष सराहना की।
रिहाई से हिरासत में रखे गए लोगों के परिवारों और तिरुवल्ला के चर्च समुदाय को 'बहुत राहत और खुशी' मिली।
मेट्रोपॉलिटन ने प्रार्थना की कि ईश्वर PM मोदी को देश सेवा में 'बुद्धि, शक्ति और कृपा' प्रदान करे।

मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है, क्योंकि उनके प्रयासों से सऊदी अरब के एक डिटेंशन सेंटर में हिरासत में रखे गए चर्च के तीन सदस्यों को सकुशल रिहा कराया जा सका। 29 सितंबर 2026 को तिरुवल्ला से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह आभार एक औपचारिक पत्र के माध्यम से व्यक्त किया गया, जो चर्च के सर्वोच्च प्रमुख ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा।

पत्र का विवरण और मुख्य बिंदु

चर्च के सर्वोच्च प्रमुख थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने 9 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने डैनीमन, लिजू मैथ्यू और मैथ्यू चेरियाचेन — तीनों चर्च सदस्यों — की रिहाई सुनिश्चित करने में किए गए 'ईमानदार और लगातार प्रयासों' की सराहना की।

मेट्रोपॉलिटन ने लिखा कि चर्च प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए 'तत्काल हस्तक्षेप और सहानुभूतिपूर्ण ध्यान' की विशेष रूप से सराहना करता है। पत्र के अंत में उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री, कृपया आपकी बहुमूल्य मदद और समर्थन के लिए हमारी गहरी सराहना स्वीकार करें।'

भारतीय दूतावास की भूमिका

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास की कोशिशों और समन्वय की भी मेट्रोपॉलिटन ने खुलकर तारीफ की। उन्होंने रेखांकित किया कि राजनयिक स्तर पर किए गए इस हस्तक्षेप के बिना तीनों व्यक्तियों की रिहाई संभव नहीं हो पाती।

गौरतलब है कि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी काम करते हैं, और कभी-कभी वीज़ा या कानूनी विवादों में फँसने पर उन्हें राजनयिक सहायता की आवश्यकता पड़ती है। यह मामला उस व्यापक संरचना की एक कड़ी है।

परिवारों और समुदाय को राहत

मेट्रोपॉलिटन ने पत्र में उल्लेख किया कि तीनों की रिहाई से उनके परिवारों और वृहत्तर चर्च समुदाय को 'बहुत राहत और खुशी' मिली है। तिरुवल्ला स्थित मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च केरल का एक प्रमुख ईसाई संप्रदाय है, जिसका अपना व्यापक सामाजिक और पारिवारिक नेटवर्क है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-सऊदी अरब के द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों के बीच श्रमिक एवं प्रवासी मामलों को लेकर कूटनीतिक समन्वय भी बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री के लिए प्रार्थना

अपने पत्र के अंत में थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने प्रार्थना की कि सर्वशक्तिमान ईश्वर देश की सेवा में प्रधानमंत्री मोदी को 'बुद्धि, शक्ति और कृपा' प्रदान करते रहें। यह पत्र केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रति चर्च की कृतज्ञता का एक औपचारिक और भावनात्मक दस्तावेज़ है, जो भारतीय राजनयिक तंत्र की सक्रियता को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सक्रिय राजनयिक ज़िम्मेदारी है — जिसमें दूतावास की भूमिका उतनी ही अहम है जितनी प्रधानमंत्री कार्यालय की। यह भी ध्यान देने योग्य है कि ऐसे मामले अक्सर तब सुर्खियाँ बनते हैं जब परिणाम सकारात्मक हो; लेकिन खाड़ी देशों में सैकड़ों भारतीय अभी भी कानूनी उलझनों में फँसे हैं जिन पर समान ध्यान नहीं जाता। केरल के लिए खाड़ी प्रवासन केवल आर्थिक नहीं, सांस्कृतिक और पारिवारिक जीवन की धुरी है — इसलिए इस तरह की राजनयिक सफलता का प्रतीकात्मक महत्व भी उतना ही बड़ा होता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार थोमा चर्च ने PM मोदी को धन्यवाद क्यों दिया?
मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च के तीन सदस्यों — डैनीमन, लिजू मैथ्यू और मैथ्यू चेरियाचेन — को सऊदी अरब के एक डिटेंशन सेंटर से रिहा कराने में PM मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप की भूमिका रही। चर्च प्रमुख थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने 9 सितंबर को इसी संदर्भ में PM मोदी को धन्यवाद-पत्र भेजा।
सऊदी अरब में हिरासत में रखे गए तीन चर्च सदस्य कौन थे?
तीनों सदस्यों के नाम डैनीमन, लिजू मैथ्यू और मैथ्यू चेरियाचेन हैं। ये मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च के सदस्य हैं और उन्हें सऊदी अरब के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।
रिहाई में भारतीय दूतावास की क्या भूमिका रही?
चर्च प्रमुख ने अपने पत्र में सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास की कोशिशों और समन्वय की विशेष रूप से प्रशंसा की। दूतावास ने राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए तीनों की रिहाई में सहयोग किया।
मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च क्या है?
मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च केरल का एक प्रमुख ईसाई संप्रदाय है, जिसका मुख्यालय तिरुवल्ला में है। यह चर्च प्रेरित संत थॉमस की परंपरा से जुड़ा है और इसका व्यापक सामाजिक, शैक्षणिक और सामुदायिक नेटवर्क है।
इस रिहाई का चर्च समुदाय पर क्या असर पड़ा?
चर्च प्रमुख के अनुसार, तीनों की रिहाई से उनके परिवारों और वृहत्तर चर्च समुदाय को 'बहुत राहत और खुशी' मिली है। यह मामला खाड़ी देशों में काम करने वाले केरलवासियों के लिए भारतीय राजनयिक सहायता की प्रभावशीलता का उदाहरण बना है।
राष्ट्र प्रेस
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