क्या मराठा समुदाय के लिए वंशावली समिति का कार्यकाल बढ़ा?

सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र सरकार ने वंशावली समिति का कार्यकाल 30 जून 2026 तक बढ़ाया।
- यह समिति कुनबी, मराठा-कुनबी, और कुनबी-मराठा जातियों के लिए प्रमाण पत्र जारी करती है।
- सरकारी निर्णय से समुदाय के और अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ मिलेगा।
- यह कदम समाज में समावेशिता को बढ़ावा देगा।
- यह निर्णय समुदाय की लंबे समय से चले आ रहे मांगों का समाधान है।
मुंबई, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के योग्य व्यक्तियों को कुनबी, मराठा-कुनबी, और कुनबी-मराठा जातियों के जाति प्रमाण पत्र और जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तालुका स्तर पर गठित वंशावली समिति का कार्यकाल 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है।
सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग ने इस संदर्भ में एक सरकारी निर्णय जारी किया है। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि यह निर्णय मराठा समुदाय के हित में लिया गया है।
यह समिति 25 जनवरी 2024 के सरकारी निर्णय के अनुसार तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित की गई थी। पहले इस समिति का कार्यकाल 30 जून तक बढ़ाया गया था। साथ ही, राज्यपाल की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल भी 31 दिसंबर तक बढ़ाया गया था। सरकार ने तालुका स्तरीय वंशावली समिति के कार्यकाल को उच्च स्तरीय समिति के कार्यकाल से कम से कम छह महीने अधिक देने का निर्णय लिया। इसी आधार पर, अब इस समिति का कार्यकाल 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
सरकारी निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि 25 जनवरी 2024 के सरकारी निर्णय के सभी नियम और प्रावधान इस समिति पर लागू रहेंगे। यह समिति मराठा समुदाय के सदस्यों को उनकी जाति के प्रमाण पत्र और वैधता प्रमाण पत्र जारी करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यकाल विस्तार से समुदाय के अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह निर्णय मराठा समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे मराठा समुदाय के लोग अपनी जाति पहचान के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे।