मथुरा में नाव दुर्घटना: मृतकों की संख्या 15 हुई, लापता की खोज जारी

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मथुरा में नाव दुर्घटना: मृतकों की संख्या 15 हुई, लापता की खोज जारी

सारांश

मथुरा में यमुना नदी में हुए नाव हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। सोमवार को दो और शव बरामद हुए, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। बचाव दल की कोशिशें जारी हैं।

Key Takeaways

  • मथुरा नाव हादसा में मृतकों की संख्या 15 हो गई है।
  • दुर्घटना में एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
  • बचाव कार्य एनडीआरएफ द्वारा किया जा रहा है।
  • नाव में दो दर्जन से अधिक लोग सवार थे।
  • स्थानीय प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा है।

मथुरा, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना नदी में हुए नाव हादसे में मृतकों की संख्या अब 15 तक पहुंच गई है। सोमवार को बचाव दल ने नदी से दो और शव निकाले। एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिसकी खोज जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, बरामद दो शवों में से एक की पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज के रूप में की गई है, जबकि दूसरे शव की पहचान मोनिका के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यश भल्ला का शव देवरा बाबा घाट के पास केशी घाट के निकट पाया गया, जो बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में था।

यह सारा बचाव कार्य राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम द्वारा किया जा रहा है। टीम निरंतर यमुना नदी में सर्च अभियान चला रही है और लापता व्यक्तियों की तलाश कर रही है। बरामद शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही सेना की स्ट्राइक वन कोर और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें इलाके में राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

यह दुखद घटना 10 अप्रैल को वृंदावन के पास उस समय हुई जब एक नाव यमुना नदी में पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव में सवार अधिकांश लोग पंजाब से थे और वे एक धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आए थे। ये सभी यात्री लुधियाना और मुक्तसर जिले के लगभग 150 श्रद्धालुओं के समूह का हिस्सा थे।

घटना के समय नाव में दो दर्जन से अधिक लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार, नाव अचानक गहरे पानी की ओर चली गई और किसी भारी वस्तु से टकरा गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इस हादसे में कई लोग पानी में बह गए।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जिस क्षेत्र में यह घटना घटी, वहां हाल ही में पानी का स्तर बढ़ने के कारण एक पांटून पुल हटाया गया था। पुल हटाने के बाद वहां कुछ पांटून ड्रम पानी में तैरते रह गए थे। आशंका जताई जा रही है कि नाव किसी ड्रम से टकरा गई होगी, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

फिलहाल प्रशासन और बचाव दल निरंतर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और ड्रोन की सहायता से भी नदी के सभी हिस्सों की जांच की जा रही है ताकि लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द खोजा जा सके।

Point of View

बल्कि यह पूरे देश के लिए एक चेतावनी भी है। नावों की सुरक्षा मानकों का पालन न करना और जल परिवहन की अनदेखी करना खतरनाक साबित हो सकता है। हमें इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

नाव हादसा कब हुआ?
यह हादसा 10 अप्रैल को वृंदावन के पास हुआ।
मृतकों की संख्या कितनी है?
मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
क्या लापता व्यक्ति का पता चला है?
नहीं, लापता व्यक्ति की खोज अभी भी जारी है।
बचाव कार्य कौन कर रहा है?
बचाव कार्य राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा किया जा रहा है।
क्या हादसे का कारण ज्ञात हुआ है?
हादसे का कारण नाव का किसी भारी वस्तु से टकराना बताया जा रहा है।
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