मथुरा मुठभेड़: अंतर्जनपदीय गैंग के दो चोर गिरफ्तार, पैरों में लगी गोली; ₹99,500 नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मथुरा में थाना रिफाइनरी पुलिस और एंटी रिवॉर्ड टीम ने 19 अक्टूबर 2026 को संयुक्त मुठभेड़ के बाद एक सक्रिय अंतर्जनपदीय चोर गिरोह के दो वांछित सदस्यों को गिरफ्तार किया। जवाबी कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों के दाहिने पैर में गोली लगी और उन्हें घायलावस्था में हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुठभेड़ की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई 10-11 अक्टूबर 2026 की रात किशन वाटिका कॉलोनी में हुई सेंधमारी और चोरी की घटना के खुलासे के क्रम में की गई। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस आरोपियों की निरंतर तलाश कर रही थी।
19 अक्टूबर को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी एक बार फिर किसी वारदात की फिराक में कार से क्षेत्र में आ रहे हैं। इस पर रेलवे स्टेशन की कच्ची सड़क पर घेराबंदी की गई।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी
जब पुलिस ने संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में लालू उर्फ साहिल (निवासी इटावा) और सुधीर कुमार (निवासी इटावा) के दाहिने पैर में गोली लगी। दोनों को घायलावस्था में गिरफ्तार कर पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बरामदगी का ब्यौरा
घटनास्थल से पुलिस ने 2 तमंचे, कारतूस, चोरी की 2 बैटरियाँ, 1 गैस सिलेंडर, ₹99,500 नकद और वारदात में प्रयुक्त ऑरा कार बरामद की।
गौरतलब है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध अलग-अलग जिलों में कुल 24 मुकदमे पहले से दर्ज हैं, जो इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की गंभीरता को रेखांकित करता है।
सीओ रिफाइनरी का बयान
सीओ रिफाइनरी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि आरोपियों द्वारा दोबारा क्षेत्र में आने की सूचना पर थाना रिफाइनरी पुलिस टीम और एंटी रिवॉर्ड टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मथुरा में पूर्व की मुठभेड़
यह इस महीने मथुरा में दूसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले 5 अक्टूबर को ग्राम बाजना में जमीनी विवाद से जुड़ी फायरिंग घटना के संबंध में थाना हाईवे पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रोमेक्स स्कूल के पास घेराबंदी कर दो वांछित आरोपियों — कनक पुत्र कमल सिंह और करन पुत्र भूरी सिंह — को गिरफ्तार किया था। उस मुठभेड़ में भी पुलिस ने 2 अवैध तमंचे और 4 कारतूस बरामद किए थे। अक्टूबर में इस तरह की दो मुठभेड़ें मथुरा पुलिस के अंतर्जनपदीय गिरोहों पर बढ़ते दबाव की ओर इशारा करती हैं।
पुलिस के अनुसार आगे की जाँच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।