क्या मोहन भागवत के विचार भारत की विचारधारा को सही तरीके से दर्शाते हैं?

Click to start listening
क्या मोहन भागवत के विचार भारत की विचारधारा को सही तरीके से दर्शाते हैं?

सारांश

क्या मोहन भागवत के विचार वास्तव में भारत की विचारधारा को सही तरीके से दर्शाते हैं? इस लेख में हम उनके विचारों और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर चर्चा करेंगे। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर क्या कहा गया है।

Key Takeaways

  • मोहन भागवत ने भारत की विचारधारा को स्पष्ट किया।
  • संघ का 100 वर्ष पूरा हुआ।
  • स्वदेशी और सामूहिकता की आवश्यकता पर जोर।
  • भाजपा नेताओं ने विचारों का समर्थन किया।
  • अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ पर सवाल उठाए गए।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उनके इस बयान पर भाजपा और संघ के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख द्वारा बताई गई बातें भारत की विचारधारा और उसके स्वभाव का सार प्रस्तुत करती हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा, "संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर मैं सभी स्वयंसेवकों को बधाई देता हूं। मैं कामना करता हूं कि संघ सदियों तक इसी तरह से चलता रहे।"

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने आरएसएस के शताब्दी समारोह पर बात करते हुए कहा, "संघ प्रमुख द्वारा व्यक्त किए गए विचार भारत की विचारधारा और इसके स्वभाव की गहराई को दर्शाते हैं। भारत एक ऐसा देश है, जिसका हजारों वर्षों का इतिहास रहा है। हम कभी किसी पर अधिकार नहीं जताते, बल्कि खुद को सक्षम बनाते हुए विश्व को साथ लेकर चलने का काम करते हैं।"

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने संघ प्रमुख के बयान का उल्लेख करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि आज सरसंघचालक मोहन भागवत ने युवाओं और बच्चों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। हमारे दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्य भी राष्ट्र की प्रगति में बड़ा योगदान दे सकते हैं। इस कार्यक्रम में स्वदेशी, धर्म और हिंदू की परिभाषा बताई गई है, जो हर उम्र और वर्ग के लोगों को सीखने की जरूरत है।"

भाजपा नेता राकेश सिन्हा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी पर अक्सर विदेशी हितों से जुड़े होने का आरोप लगता रहा है। उनके कार्य और बयान इसकी पुष्टि करते हैं। भले ही वे भारतीय नागरिक हैं, लेकिन उनका व्यवहार विदेशी हितों के अनुरूप दिखता है। वे देश का हित नहीं बल्कि अहित चाहते हैं। जब देश चुनौतियों का सामना कर रहा है, तो वे उन लोगों के साथ खड़े हैं, जो देश को जोड़ना नहीं बल्कि तोड़ना चाहते हैं।"

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 50 प्रतिशत टैरिफ के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अमेरिका जुर्माना लगाने वाला दुनिया का निरीक्षक नहीं है। 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना भारतीय उद्योगपतियों के लिए अमेरिका से परे बाजार तलाशने, आत्मनिर्भरता अपनाने और स्वदेशी के मंत्र को पुनर्जीवित करने का एक अवसर है।"

Point of View

ताकि हम एक समृद्ध और एकजुट राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ सकें।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

मोहन भागवत के विचारों का मुख्य सार क्या है?
मोहन भागवत के विचार भारत की विचारधारा और उसके स्वभाव का सार प्रस्तुत करते हैं, जिसमें स्वदेशी और सामूहिकता पर जोर दिया गया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं कैसे हैं?
भाजपा नेताओं ने संघ प्रमुख के विचारों को सकारात्मक बताया है और कहा है कि ये विचार भारत की ऐतिहासिकता और संस्कृति को दर्शाते हैं।