क्या सीईसी के परिवार पर टिप्पणी करना उचित है? आईएएस एसोसिएशन की तीखी प्रतिक्रिया

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क्या सीईसी के परिवार पर टिप्पणी करना उचित है? आईएएस एसोसिएशन की तीखी प्रतिक्रिया

सारांश

आईएएस एसोसिएशन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परिवार पर हो रही टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत हमला मानते हुए गरिमा और निष्ठा के सिद्धांतों का समर्थन किया। क्या इस प्रकार की आलोचना उचित है?

मुख्य बातें

आईएएस एसोसिएशन ने व्यक्तिगत हमलों की निंदा की है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परिवार की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर अनुचित आलोचना गंभीर मुद्दा है।

नई दिल्ली, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) एसोसिएशन ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परिवार के सदस्यों पर हो रही टिप्पणियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि इस तरह के हमले पूरी तरह से निंदनीय हैं।

आईएएस एसोसिएशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आईएएस एसोसिएशन इस बात पर चिंता व्यक्त करता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के परिवार के सदस्यों (जो स्वयं भी एक प्रतिष्ठित सिविल सेवक हैं) के खिलाफ अनुचित आलोचना की गई है।"

उन्होंने कहा, "आईएएस एसोसिएशन आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से असंबंधित ऐसे व्यक्तिगत हमलों की कड़ी निंदा करता है। हम लोक सेवा में गरिमा और निष्ठा के पक्षधर हैं।"

इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की बेटी की योग्यता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। बीएल संतोष ने कहा कि ये लोग अमानवीय और बेशर्म हैं जो सीईसी की बेटी पर सवाल उठा रहे हैं।

बीएल संतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "पहले उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बेटी की योग्यता पर सवाल उठाकर उन पर हमला किया और अब वही गिद्ध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी को निशाना बना रहे हैं। ये लोग अमानवीय और बेशर्म हैं।"

इससे पहले, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बेटी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था। बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि ने 2019 में यूपीएससी परीक्षा दी थी। पिछले साल 2023 में उन्होंने ट्रेनिंग पूरी की। वह भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (आईआरपीएस) अधिकारी हैं। लेकिन, सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि अंजलि एक आईएएस अधिकारी हैं।

यह मामला कोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि बिरला को बदनाम करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों के खिलाफ व्यक्तिगत हमले न केवल अनैतिक हैं, बल्कि यह लोकतंत्र की गरिमा को भी चोट पहुंचाते हैं। हमें ऐसे हमलों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएएस एसोसिएशन का क्या कहना है?
आईएएस एसोसिएशन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के परिवार पर हो रही टिप्पणियों की निंदा की है और इसे व्यक्तिगत हमला बताया है।
क्या यह मामला न्यायालय में गया था?
हाँ, यह मामला न्यायालय में गया था और दिल्ली उच्च न्यायालय ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया था।
राष्ट्र प्रेस