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क्या मुख्यमंत्री धामी ने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर गुरुद्वारे में मत्था टेका?

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क्या मुख्यमंत्री धामी ने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर गुरुद्वारे में मत्था टेका?

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रार्थना की और गुरु के बलिदान को याद किया। इस कार्यक्रम में सिख समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया और यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद किया।
गुरुद्वारे में प्रार्थना के दौरान सिख समुदाय का स्वागत किया गया।
चारधाम यात्रा में 51 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने यात्रा की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।

देहरादून, 25 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेककर प्रार्थना की और धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर के बलिदान को स्मरण किया।

कार्यक्रम में उपस्थित बड़ी संख्या में सिख बंधुओं ने मुख्यमंत्री धामी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद, उन्होंने गुरु तेग बहादुर साहिब के त्याग और बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर के प्रेरणादायक जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में संगत की सेवा की और भोजन प्रसाद वितरण में भाग लेकर गुरु परंपरा के सेवा-पथ को प्रणाम किया।

देहरादून में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस साल के चारधाम यात्रा में 51 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए, जो सभी के लिए सुखद अनुभव रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले साल की यात्रा के लिए अच्छी व्यवस्थाओं की तैयारी पहले से शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा, "इस साल की चारधाम यात्रा में कई चुनौतियाँ आईं। एक ओर, ऑपरेशन में रुकावट आई और दूसरी ओर, प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य में स्थिति लंबे समय तक कठिन रही, जिससे यात्रा करीब तीन महीने तक प्रभावित रही। इसके बावजूद, 51 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए, जिनका अनुभव सकारात्मक रहा।"

मुख्यमंत्री ने यात्रा की व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पंडा समाज और धार्मिक सभा के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी धन्यवाद दिया। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि शीतकालीन यात्रा की तैयारियाँ भी चल रही हैं और इसे जल्द ही सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा है। मुख्यमंत्री धामी का यह कदम उनकी संवेदनशीलता और धर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आयोजन न केवल सिख समुदाय के लिए, बल्कि समस्त भारतीय संस्कृति के लिए गर्व का विषय है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस का महत्व क्या है?
गुरु तेग बहादुर का बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा के लिए था, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
चारधाम यात्रा में कितने तीर्थयात्री आए?
इस साल चारधाम यात्रा में 51 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए।
मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा की व्यवस्थाओं के लिए क्या कहा?
उन्होंने यात्रा की व्यवस्थाओं में सहयोग देने वालों का धन्यवाद किया और अगले साल की यात्रा के लिए तैयारियों का आश्वासन दिया।
राष्ट्र प्रेस
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