क्या मुंबई के स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप है?

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क्या मुंबई के स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप है?

सारांश

मुंबई के सेंट मैरी हाई स्कूल के प्रिंसिपल पर 10वीं कक्षा के छात्र के साथ बर्बरता का आरोप लगा है। क्या यह घटना शिक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठाती है? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप छात्र की सुरक्षा का मुद्दा जांच प्रक्रिया जारी बच्चों के अधिकारों की रक्षा शिक्षा प्रणाली पर सवाल

मुंबई, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के सांताक्रुज (पूर्व) में स्थित सेंट मैरी हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के प्रिंसिपल फादर जोशुआ डिसूजा के खिलाफ वकोला पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उन पर 15 साल के 10वीं कक्षा के एक छात्र को बच्चों की पार्टी के दौरान 20-25 थप्पड़ और एक मुक्का मारने का गंभीर आरोप है।

यह घटना 13 नवंबर 2025 की शाम की है। स्कूल में ‘चिल्ड्रन्स डे’ पार्टी चल रही थी। प्रिंसिपल ने छात्र को एक शिक्षक के साथ बैठने के लिए कहा और उसे अनुशासनहीन बताया। उन्होंने कहा कि जब भी माता-पिता को बुलाया जाता है, छात्र उनके साथ नहीं आता। लेकिन, पार्टी में जरूर आ गया।

इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्र से उसके माता-पिता को तुरंत बुलाने को कहा। छात्र की मां ऑटो नहीं मिलने के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाईं। यह सुनकर प्रिंसिपल नाराज हो गए और बोले, “कुर्ला से कलिना पैदल आना चाहिए था।” उन्होंने कहा कि जब तक माता-पिता नहीं आते, छात्र को जाने नहीं देंगे।

फिर प्रिंसिपल छात्र को अपने केबिन में ले गए। वहां उन्होंने पूछा, “तुम खुद को क्या समझते हो?” इसके बाद कथित तौर पर छात्र के गाल और गर्दन पर 20-25 जोरदार थप्पड़ मारे और एक मुक्का पेट पर जड़ा।

प्रिंसिपल ने छात्र के पिता से फोन पर बात करते हुए धमकी दी कि वे खुद वकील हैं और केस लड़ लेंगे। इसके बाद उन्होंने छात्र को 15 मिनट में घर जाने को कहा और चेतावनी दी कि देर हुई तो फिर पीटेंगे।

डरते-डरते छात्र घर पहुंचा और अपनी मां और रिश्तेदारों को सारी बात बताई। मां उसे तुरंत कुर्ला के भाभा अस्पताल ले गईं, जहां डॉक्टरों ने चोट के निशान देखे और इलाज किया।

अगले दिन छात्र और उसकी मां वकोला पुलिस स्टेशन पहुंचे और प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 (बच्चे के साथ क्रूर व्यवहार) और धारा 82 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

वकोला पुलिस ने बताया कि प्रिंस के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। स्कूल प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हमें बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता देनी चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना का मुख्य कारण क्या था?
मुख्य कारण अनुशासनहीनता का आरोप था, जब छात्र पार्टी में माता-पिता के बिना आया।
प्रिंसिपल के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
वकोला पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और मामले की जांच कर रही है।
छात्र को किस तरह की चोटें आई थीं?
छात्र को गाल और गर्दन पर थप्पड़ों के निशान मिले थे, और उसे अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
क्या स्कूल प्रशासन ने कोई बयान जारी किया है?
अभी तक स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है?
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों के खिलाफ क्रूर व्यवहार के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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