क्या नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला भारतीय नौसेना की समुद्री विरासत को उजागर कर रहा है?

Click to start listening
क्या नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला भारतीय नौसेना की समुद्री विरासत को उजागर कर रहा है?

सारांश

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला भारतीय नौसेना द्वारा समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने का अद्भुत अवसर है। इस मेले में विशेष कार्यक्रमों और चर्चाओं के माध्यम से नौसेना के इतिहास और उसके महत्व को समझने का प्रयास किया जा रहा है। जानिए इस मेले की खासियतें और नौसेना की भूमिका।

Key Takeaways

  • भारतीय नौसेना की प्रदर्शनी में नौसेना के इतिहास की महत्वपूर्ण किताबें शामिल हैं।
  • पुस्तक मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा किया गया।
  • युवाओं को भारतीय नौसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
  • पैनल चर्चा में 1971 के युद्ध पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
  • नौसेना की भागीदारी से समुद्री विरासत के संरक्षण की प्रतिबद्धता दर्शाई गई है।

नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में भारतीय नौसेना द्वारा भारत की समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया जा रहा है। भारतीय नौसेना ने विश्व पुस्तक मेला 2026 में सक्रिय रूप से भाग लिया है, जहां नौसेना प्रमुख एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस पुस्तक मेले में भारतीय नौसैनिक जहाजों, पनडुब्बियों, वायु शक्ति और भारत के समुद्री इतिहास से संबंधित पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। इसके अलावा, भारत के समुद्री इतिहास पर आधारित महत्वपूर्ण प्रकाशन और नौसेना से संबंधित मॉडल भी लगाए गए हैं। हॉल संख्या 5 में स्थित नौसेना पवेलियन में भारतीय नौसेना के आधिकारिक इतिहास (1945-2021) के सात खंड प्रदर्शित किए गए हैं। ये सभी सामग्री भारत की समृद्ध समुद्री और नौसैनिक परंपरा को समझने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करती हैं। विद्वतापूर्ण शोध और दृश्य आकर्षण का यह संयोजन भारत की समुद्री यात्रा की एक प्रभावशाली कथा प्रस्तुत करता है। यह साहित्य, ज्ञान और विरासत के उत्सव के रूप में प्रसिद्ध है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि नौसेना की इस भागीदारी से देश की समृद्ध समुद्री विरासत के संरक्षण और उसके प्रचार-प्रसार की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया है। इस पहल का नेतृत्व भारतीय नौसेना के प्रमुख शोध संस्थान, नौसेना इतिहास प्रभाग (एनएचडी) द्वारा किया जा रहा है। एनबीटी के सहयोग से एनएचडी ने भारतीय नौसेना के विशेष स्टॉल स्थापित किए हैं, जिसमें नौसेना के प्रामाणिक प्रकाशनों और सावधानीपूर्वक तैयार किए गए स्केल शिप मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। ये प्रदर्शन नौसेना के विकास, परंपराओं और परिचालन उत्कृष्टता की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं।

इस मेगा पुस्तक मेले का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा किया जा रहा है, जो शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन है। मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया था। शैक्षणिक एवं बौद्धिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, यहां 1971 के युद्ध पर केंद्रित एक पैनल चर्चा का आयोजन भी किया गया, जिसका संचालन कमांडर नीरज वशिष्ठ ने किया। इस चर्चा में वीर चक्र और नौसेना मेडल से सम्मानित कमांडर विजय प्रकाश कपिल (सेवानिवृत्त) और अन्य लोगों ने भाग लिया।

इस सत्र में भारत के नौसैनिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय पर गहन विचार-विमर्श किया गया। रविवार की शाम को हॉल नंबर 5 के थीम पवेलियन में ‘नौसैनिक समुद्री अभियानों: अतीत और वर्तमान’ विषय पर एक और पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसका संचालन कमांडर कलेश मोहनन करेंगे। पैनल में कैप्टन प्रशांत सी मेनन और कमांडर नीरज वशिष्ठ भाग लेंगे। इसके अलावा, 14 जनवरी 2026 को ‘नियम-आधारित व्यवस्था का निर्माण: भारतीय नौसेना की भूमिका’ विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा प्रस्तावित है, जिसका संचालन एसोसिएट प्रोफेसर अभिमन्यु सिंह अर्हा करेंगे। इस सत्र में लेफ्टिनेंट कमांडर अनुपमा थपलियाल और लेफ्टिनेंट जीवितेश सहारण भारतीय महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पुस्तक मेले का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय नौसेना पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन होगा, जिसे नौसेना इतिहास प्रभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस पुस्तक का अनावरण एक भव्य समारोह में नौसेना प्रमुख द्वारा किया जाएगा।

प्रदर्शनी और विचार-विमर्श के साथ-साथ, एनएचडी युवा आगंतुकों से भी सक्रिय संवाद कर रहा है। युवाओं को भारतीय नौसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नौसेना के प्रकाशन और स्टॉल पहले ही बड़ी संख्या में आगंतुकों का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। भारतीय नौसेना ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में आने वाले सभी आगंतुकों को अपने गौरवशाली सेवा इतिहास और भारत की स्थायी समुद्री विरासत के बारे में जानने के लिए आमंत्रित किया है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारतीय नौसेना की भागीदारी हमारे देश की समृद्ध समुद्री विरासत को संरक्षित और प्रमोट करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल हमारे इतिहास को पुनर्जीवित करता है, बल्कि हमारे युवा पीढ़ियों को प्रेरित भी करता है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में भारतीय नौसेना का क्या योगदान है?
भारतीय नौसेना ने समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने के लिए पुस्तक मेले में विशेष पवेलियन स्थापित किया है, जिसमें नौसैनिक इतिहास से संबंधित पुस्तकें और मॉडल शामिल हैं।
इस मेले का उद्घाटन कब हुआ?
इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया था।
क्या मेले में पैनल चर्चा का आयोजन किया गया है?
हाँ, मेले में 1971 के युद्ध पर केंद्रित एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया है।
भारतीय नौसेना की समुद्री विरासत का महत्व क्या है?
भारतीय नौसेना की समुद्री विरासत हमारे देश के इतिहास, संस्कृति और समुद्री यात्रा की गाथा को दर्शाती है।
क्या युवा आगंतुकों के लिए कोई करियर मार्गदर्शन है?
हाँ, एनएचडी युवा आगंतुकों को भारतीय नौसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
Nation Press