क्या नैनीताल के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह बने उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश?

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क्या नैनीताल के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह बने उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश?

सारांश

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सिद्धार्थ साह को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। जानें उनके इस सफर के बारे में और उनकी उपलब्धियों के बारे में। क्या यह नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगी?

Key Takeaways

  • नैनीताल के सिद्धार्थ साह को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
  • यह नियुक्ति राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद हुई है।
  • उनका कार्यकाल प्रारंभ में दो वर्ष का होगा।
  • यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर हुई।
  • यह नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता का उदाहरण है।

देहरादून, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय को एक नया अतिरिक्त न्यायाधीश प्राप्त हुआ है। नैनीताल के प्रतिष्ठित अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को केंद्र सरकार ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद हुई। जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 224 के खंड (1) के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करके की गई है।

सिद्धार्थ साह लम्बे समय से उत्तराखंड उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे थे। उनकी नियुक्ति की अधिसूचना 5 जनवरी 2026 को जारी हुई। इसके बाद, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम हाईकोर्ट परिसर में आयोजित किया गया, जहां बार और बेंच के सदस्यों ने नवनियुक्त न्यायाधीश का स्वागत किया।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस सी रावत ने इस नियुक्ति पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ साह की शपथ बार एसोसिएशन के लिए एक गौरवमयी और ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने अपनी पूरी प्रैक्टिस इसी हाईकोर्ट से की है और आज वे यहां न्यायाधीश बने हैं। उनका समर्पण और मेहनत इस मुकाम तक पहुंचने का कारण बनी है। बार एसोसिएशन की ओर से उन्हें बधाई दी गई और आशा व्यक्त की गई कि वे न्याय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

सिद्धार्थ साह की नियुक्ति से उत्तराखंड उच्च न्यायालय की पीठ मज़बूत हुई है। उनके कार्यकाल की शुरुआत दो वर्ष के लिए होती है, जिसके बाद उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया जा सकता है। उनकी नियुक्ति की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी, जो अक्टूबर 2023 में हुई थी।

यह नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और योग्यता पर आधारित चयन के उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी। नवनियुक्त न्यायाधीश सिद्धार्थ साह को सभी की ओर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं कि वे न्याय सुनिश्चित करने में एक नया आयाम स्थापित करें।

Point of View

बल्कि पूरे उत्तराखंड न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह नियुक्ति न्यायपालिका में पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर चयन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

सिद्धार्थ साह की नियुक्ति कब हुई?
सिद्धार्थ साह की नियुक्ति 5 जनवरी 2026 को हुई।
सिद्धार्थ साह की कार्यकाल की अवधि क्या होगी?
उनका कार्यकाल प्रारंभ में दो वर्ष का होगा।
यह नियुक्ति किसके द्वारा की गई थी?
यह नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की गई थी।
सिद्धार्थ साह ने कहां से प्रैक्टिस की है?
उन्होंने अपनी पूरी प्रैक्टिस उत्तराखंड हाईकोर्ट से की है।
इस नियुक्ति का महत्व क्या है?
यह नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर चयन के उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
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