क्या महाराष्ट्र की राजनीति में 5 साल बाद न शिंदे रहेंगे न अजित पवार?: असदुद्दीन ओवैसी
सारांश
Key Takeaways
- ओवैसी का मानना है कि उनकी पार्टी जनता की सही आवाज है।
- अजित पवार की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
- ओवैसी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
- भविष्यवाणियां की हैं कि अगले चुनावों में शिंदे या पवार नहीं रहेंगे।
धुले, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के धुले में एक जनसभा के दौरान एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी की और पार्टी के उस आरोप का उत्तर दिया, जिसमें एआईएमआईएम को भाजपा की 'बी-टीम' कहा गया। ओवैसी ने कहा कि ऐसे आरोप सच्चाई से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।
अपने भाषण में ओवैसी ने मुंबई ट्रेन ब्लास्ट का संदर्भ देते हुए कहा कि इस घटना में 185 भारतीय नागरिकों की जान गई थी और इस मामले में 11 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी 11 लोग लगभग 19 वर्षों तक जेल में रहे।
उन्होंने आगे कहा, "सोचिए, अगर आप यहां बैठे हों और अचानक आपको फोन आए कि तुरंत आ जाइए। अब उन 11 लोगों के बारे में सोचिए, जिन्होंने अपनी जिंदगी के 19 साल सलाखों के पीछे बिताए।"
ओवैसी ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भी टिप्पणी की, उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर निशाना साधते हुए।
उन्होंने कहा, "अगर अजित पवार अपने ही चाचा शरद पवार के सामने नहीं खड़े हो सके, तो जो लोग आंख बंद करके उनका पीछा कर रहे हैं, उनका क्या होगा?"
असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि जब अगले चुनाव होंगे, तो न तो एकनाथ शिंदे होंगे और न ही अजित पवार। उस समय असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी मौजूद रहेगी।
एआईएमआईएम प्रमुख ने संसद में अपने एक पुराने कदम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में खड़े होकर कहा था कि कुछ कानून बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के खिलाफ हैं और उन्होंने उस कानून की प्रति फाड़कर संसद के फर्श पर फेंक दी थी। ओवैसी ने पूछा, 'क्या अजित पवार ऐसा कर सकते थे?'
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ही जनता की आवाज को मजबूती से आगे ले जा सकती है।