नैनीताल में शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, कुमाऊं आयुक्त से मिलकर जताई नाराजगी
सारांश
Key Takeaways
- ग्रामीणों का शराब की दुकान के खिलाफ प्रदर्शन
- कुमाऊं आयुक्त से मिली बातचीत
- सामाजिक वातावरण को लेकर चिंता
- रोजगार की मांग
- उग्र आंदोलन की चेतावनी
नैनीताल, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के नैनीताल में शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय निवासियों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया और कुमाऊं आयुक्त से मुलाकात भी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि यहां शराब की दुकान खोली गई और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे और भी बड़े प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
खुरपाताल के मंगोली क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध बढ़ता जा रहा है। महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार तरीके से प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान, प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के लिए आए कुमाऊं आयुक्त से ग्रामीणों ने इस मामले पर चर्चा की।
ग्राम प्रधान अधोड़ा प्रेमा मेहरा ने कहा कि क्षेत्र का माहौल शांतिपूर्ण है, लेकिन शराब की दुकान खुलने से सामाजिक वातावरण खराब हो सकता है। कई दिनों से ग्रामीण इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन न तो जिलाधिकारी मौके पर आए और न ही कोई अन्य अधिकारी। शराब की दुकान खोलना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है, जिस पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। यदि प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण मंजू ने कहा कि सरकार से शराब की दुकान हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि शराब की दुकानों के लिए टेंडर भी जारी हो चुके हैं और 23 मार्च को एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमें शराब की दुकानें नहीं, बल्कि रोजगार की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं को बढ़ाया जाए और पेट्रोल पंप खोले जाएं ताकि लोगों को रोजगार मिल सके। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कल उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सचिव /कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि इस मामले पर रिपोर्ट प्राप्त हुई है और आबकारी विभाग से चर्चा की जाएगी। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी।