क्या पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ दी?

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क्या पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ दी?

सारांश

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया है। यह कदम पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि नसीमुद्दीन को एक प्रमुख मुस्लिम नेता के रूप में देखा जाता था। क्या यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ लाएगा?

मुख्य बातें

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ दिया है।
उनके साथ 72 अन्य नेता भी इस्तीफा दे चुके हैं।
यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। प्रमुख नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से अपना इस्तीफा दे दिया है। एक समय पर, नसीमुद्दीन बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक थे और मायावती के करीबी माने जाते थे, जिन्होंने बसपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा था। लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस को भी अलविदा कह दिया है।

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस कदम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। वास्तव में, बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नसीमुद्दीन को पार्टी ने एक महत्वपूर्ण मुस्लिम चेहरे के रूप में स्वीकार किया था। हालांकि, संगठन और चुनावों में कांग्रेस को उनके नेतृत्व में कोई विशेष लाभ नहीं मिल सका।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे गए इस्तीफे में इसे व्यक्तिगत कारणों से बताया है। अपने लिखित इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वे ‘अपरिहार्य कारणों’ से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों को त्याग रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी के प्रति उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन जिन उद्देश्यों के लिए वे पार्टी में आए थे, वे पूरे नहीं हो रहे थे।

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि नसीमुद्दीन आने वाले समय में चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी में शामिल हो सकते हैं। लेकिन अभी तक उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। अपने प्रभावशाली भाषणों और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ के लिए जाने जाने वाले सिद्दीकी ने दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों में काफी प्रभाव स्थापित किया है।

पूर्व मंत्री ने बताया कि उनके साथ पूर्व विधायकों समेत करीब 72 नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके सहयोगियों के साथ बातचीत चल रही है और भविष्य की रणनीति पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ कांग्रेस छोड़ने वालों में पूर्व विधायक फरहत हसन उर्फ हाजी शब्बन, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, पूर्व विधायक राम जियावन, अफजल सिद्दीकी, समरपाल सिंह, नसीम खां, और नसीम सिद्दीकी शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक अस्थिरता और दलित-मुस्लिम समीकरणों की जटिलता को उजागर करता है। यह एक संकेत है कि राजनीतिक दलों को अपने आधार को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दिया है।
क्या नसीमुद्दीन सिद्दीकी किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे?
राजनीतिक अटकलें हैं कि वे चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन इसका कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कांग्रेस को नसीमुद्दीन के इस्तीफे से क्या नुकसान होगा?
नसीमुद्दीन को एक प्रमुख मुस्लिम नेता के रूप में देखा जाता था, और उनका जाना पार्टी को मुस्लिम वोटों में कमी कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस