क्या नवीन पटनायक ने नेता प्रतिपक्ष का बढ़ा हुआ वेतन-भत्ता त्याग दिया?
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भुवनेश्वर, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को एक पत्र लिखा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने वेतन और भत्तों से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय साझा किया है।
सीएम माझी के नाम लिखे गए पत्र में पटनायक ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में ओडिशा विधानसभा द्वारा नेता प्रतिपक्ष के वेतन और भत्तों में की गई बढ़ोतरी को वह स्वीकार नहीं करेंगे और उन्होंने इस राशि को राज्य के गरीब लोगों के कल्याण के लिए उपयोग करने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में नवीन पटनायक ने कहा कि उन्हें पिछले 25 वर्षों से अधिक समय तक ओडिशा की जनता का अपार प्रेम, स्नेह और समर्थन प्राप्त हुआ है, जिसके लिए वह सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा की जनता ने न केवल उन्हें बल्कि उनके दिवंगत पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बीजू पटनायक को भी भरपूर सम्मान और स्नेह दिया है। इस जनसमर्थन को अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए, उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और प्रेम ने ही उन्हें सार्वजनिक जीवन में निरंतर सेवा करने की प्रेरणा दी है।
पटनायक ने पत्र में वर्ष 2015 का उल्लेख करते हुए बताया कि उसी भावना के तहत उनके परिवार ने कटक स्थित अपनी पैतृक संपत्ति 'आनंद भवन' को ओडिशा की जनता के उपयोग के लिए दान करने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भी राज्य के लोगों के प्रति कृतज्ञता और सेवा भाव से प्रेरित था, ताकि उस संपत्ति का उपयोग व्यापक जनहित में किया जा सके।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि उसी सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाते हुए वह ओडिशा विधानसभा द्वारा हाल ही में पारित उस प्रस्ताव के तहत मिलने वाली वेतन और भत्तों की बढ़ी हुई राशि को त्यागना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस धनराशि को राज्य के गरीब और जरूरतमंद लोगों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में उपयोग में लाया जाए, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच सके।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पत्र को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "पिछले 25 से ज्यादा सालों से मुझे ओडिशा के लोगों का प्यार, स्नेह और समर्थन मिला है। मैं ओडिशा के लोगों और मेरे और मेरे स्वर्गीय पिता बीजू पटनायक के प्रति उनके प्यार का बहुत आभारी हूं। पहले हमारे परिवार ने कटक में अपनी पुश्तैनी संपत्ति 'आनंद भवन' दान करने का फैसला किया था। उसी भावना से मैं विपक्ष के नेता के लिए बढ़ाई गई सैलरी और भत्ते को छोड़ना चाहता हूं, जिसे ओडिशा विधानसभा ने हाल ही में पास किया है। मैं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से अनुरोध करता हूं कि वे इसका इस्तेमाल हमारे राज्य के गरीब लोगों की भलाई के लिए करें।"